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अब ट्रेनों के इंजन में भी लगेगा विमानों की तरह ब्लैक बॉक्स

अब ट्रेनों के इंजन में भी लगेगा विमानों की तरह ब्लैक बॉक्स

नई दिल्ली। यात्रियों के सुरक्षित सफर के लिए रेल मंत्रालय ने सभी ट्रेनों के इंजन में लोको कैब ऑडियो वीडियो (एलसीवीआर) उपकरण लगाने का फैसला किया है। पायलट प्रोजेक्ट की सफलता देखते हुए ऐसे 480 उपकरण खरीदने की स्वीकृति मंत्रालय ने दी है। यह उपकरण विमानों में लगने वाले ब्लैक बॉक्स की तरह है। ट्रेन इंजन में लगने वाले इस उपकरण में माइक्रोफोन व ऑडियो वीडियो रिकॉर्डर लगा होगा। इसके जरिए लोको पायलट (ट्रेन ड्राइवर) व सह लोको पायलटों की बातचीत ट्रेन संचालन के दौरान रिकॉर्ड की जाएगी। इंजन के बाहर लगा कैमरा लोको कैब से दिखाई देने वाले बाहरी दृश्यों को भी रिकॉर्ड करेगा।

अधिकारियों के अनुसार इस उपकरण की सूचना से दुर्घटना की स्थिति में जांच-पड़ताल में सुविधा होगी और दुर्घटना की वजह का पता चल सकेगा। ट्रैक पर घटना के बाद विश्लेषण करने में यह उपकरण काफी मददगार साबित होगा। इस उपकरण में एक कैमरा व माइक्रोफोन लगा है जो लोको कैब के भीतरी हिस्से में होगा। दूसरा कैमरा इंजन के बाहर लगा है, जो लोको कैब से दिखने वाले बाहरी दृश्यों को सुरक्षित रखेगा। एलसीवीआर रात में भी काम करने वाले कैमरे और माइक्रोफोन से लैस है। डाटा स्टोर करने के लिए डिजिटल मेमोरी उपकरण में लगा होगा। दुर्घटना के मामले में आवश्यकता पड़ने पर विश्लेषण के लिए विमान के ब्लैक बॉक्स की तरह ही काम करेगा। अधिकारियों के अनुसार, परीक्षण के लिए 32 लोकोमोटिव इंजन को एलसीवीआर से लैस कर दिया गया है। इनमें 25 डीजल व 7 इलेक्ट्रिक इंजन शामिल हैं।

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