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अस्पताल की लापरवाही नन्ही जान ने दुनिया देखने से पहले ही दम तोड़ दिया, राज्यपाल से लिखित शिकायत

राहुल चौबे  | 16 Jul , 2020 12:54 PM
अस्पताल की लापरवाही नन्ही जान ने दुनिया देखने से पहले ही दम तोड़ दिया, राज्यपाल से लिखित शिकायत

रायपुर। पंडरी जिला अस्पताल में प्रसूता के गर्भ में मासूम की मौत के बाद मामला गरमा गया गया है। लेकिन खानापूर्ति के नाम पर भी जिम्मेदारों पर किसी प्रकार की कोई कार्यवाही स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन द्वारा नहीं ​की गई है। गौरतलब है कि आंबेडकर अस्पताल का स्त्री रोग विभाग पंडरी जिला अस्पताल में शिफ्ट होने के बाद यहां 30 से 40 गर्भवती रोज पहुंचती हैं। वहीं जगह नहीं होने का हवाला देकर कई महिलाओं को भगा दिया जाता है। मामला 13 जुलाई शाम पांच बजे का है। गठपुरैना निवासी महिला को प्रसव पीड़ा के बाद 102 एंबुलेंस से कालीबाड़ी अस्पताल लाया गया था। लेकिन उसे भर्ती करने के बजाय अस्पताल से भगा दिया गया था। परिजन दर्द से तड़पती प्रसूता को लेकर भटकते हुए शाम छह बजे पंडरी जिला अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन वार्ड में भर्ती न कर बाहर बैठा दिया गया था। हाथ-पैर जोड़ने के बाद रात के आठ बजे भर्ती किया गया। रात 10ः30 से 11 बजे जब उसे इलाज मिला तब तक काफी देर हो गई थी। शिशु ने गर्भ में ही गंदा पानी पी लिया था। नन्ही जान ने दुनिया देखने से पहले ही दम तोड़ दिया था। मामले में अब पीड़िता के पति मोहन साहू ने राज्यपाल और स्वास्थ्य मंत्री को पत्रत्र लिखकर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

 

 

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