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गर्मी की तपिश के बीच रोजा रख रहे मुस्लिम भाई, झलक रहा आपसी भाईचारा

वैभव चौधरी  | 09 May , 2020 05:02 PM
गर्मी की तपिश के बीच रोजा रख रहे मुस्लिम भाई, झलक रहा आपसी भाईचारा

धमतरी। मुस्लिम भाई रमजान के इस मुबारक मौके पर तेज धूप और गर्मी की शिद्दत के बीच रोजा रखकर खुदा की इबादत कर रहे हैं। लॉक डाउन के चलते इस बार मस्जिदों के बजाए घरों में विशेष नमाज तरावीह भी अदा की जा रही है। घर-घर में कुरान की तिलावत हो रही है। इफ्तार के समय आपसी भाईचारे की झलक दिखाई दे रही है। घरों में विशेष नमाज, तरावीह अदा की जा रही है। लोग अपने घरों में ही इफ्तार कर रहे हैं। रोजेदार हाजी तनवीर उस्मान, नजीर अहमद सिद्दिकी, मो. मुन्नाफ  मो. युसूफ रजा ने बताया कि अल्लाह ताला का लाख-लाख एहसान है कि उसने हम पर अपने करम से रमजाऩ का मुबारक महीना अता फरमाया। गर्मी की तपिश सहते हुए भी वे रोजा रख रहे हैं। खुदा का लाख-लाख शुक्र है। मौलाना तनवीर रजा ने बताया कि रमजान का मुबारक महीना हमारे लिए अल्लाह का बहुत बडा इनाम है। इस की बरकतों से वह हमारे गुनाहो को माफ फरमा कर आखिरत की बेहिसाब नेअमतें अता फरमाता है। रमजान के महीने मे मुसलमानो की जिंदगी के रंग व अन्दाज बिल्कुल बदल जाता है। मौलाना गौस रजा कादरी ने बताया कि भूखे-प्यासे रहने का नाम रोजा नही है बल्कि रोजा़ की बरकत से इन्सान के दिल-नजर में एक अजी़म तब्दीली आने का नाम रोजा है, जिसे तक़वा कहा जाता है। रोजे की बदौलत हमारे अंदर परहेजग़ारी आती है। गुनाहों से बचने की तौफीक मिलती है। यह चीजे इंसान के अंदर कई खूबियां पैदा करती है।

नन्हें-नन्हें रोजेदार ..

इस साल भी नन्हें-नन्हें बच्चे रोजा रख रहे हैं। फिजा बानो (5), साबिया रोकडिय़ा (10), मोहम्मद अफराज मेमन (12), अफराज बानो (12), आफजा (8) ने बताया कि उनके अम्मी-अब्बू रोजा रख रहे हैं। उन्हें देखकर वे भी रोज रख रहे हैं। खुदा का शुक्र है कि रोजा के दरम्यान भूख और प्यास नहीं लगती। इबादत में दिल लगा रहता है। अल्लाह हमें इसका ईनाम जरूर देगा।

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