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नारायणपुर के स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, छात्रावासों, आश्रम में लगाए जा रहे हैं मुनगे के पौधें

यामिनी दुबे  | 10 Jul , 2020 03:00 PM
नारायणपुर के स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, छात्रावासों, आश्रम में लगाए जा रहे हैं मुनगे के पौधें

रायपुर/नारायणपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार वन विभाग की ओर से ‘मुनगा’ पौधरोपण का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत् नारायणपुर जिले के समस्त शासकीय स्कूलों, आंगनबाड़ी केन्द्रों और छात्रावास-आश्रमों सहित में मुनगा के पौधे का रोपण किया जा रहा है। इस मुनगा रोपण अभियान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, ग्रामीण महिलाएं अपनी सहभागिता निभा रही हैं। वे अपने आसपास के आंनगबाड़ी और अपने घर के खाली जगहों में मुनगा पौधों का रोपण कर रही है। कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने के लिए जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं इस कार्य के लिए जुट गई हैं। महिला एवं बाल विकास अधिकारी रविकांत ध्रुर्वे ने बताया कि जिले में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों में मुनगा के पौधों का रोपण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुनगा हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। मुनगे का फल और भाजी का उपयोग कुपोषण को दूर करने सहायक है। मुनगा के रोपण से आंगनबाड़ी केन्द्रों और आसपास में इसके रोपण से भविष्य में मुनगा की सहजता से उपलब्धता होगी।

इससे इन संस्थाओं में पढ़ने वाले बच्चों को और आंगनबाड़ी केंद्र के हितग्राही महिलाओं को भी लाभ होगा। साथ ही परिसरों में हरियाली सहित पर्यावरण के संरक्षण तथा संवर्धन को भी बढ़ावा मिलेगा। आयुर्वेद में मुनगा को पौष्टिकता से भरपूर महत्वपूर्ण सब्जी का स्थान दिया गया है। यह डायबिटीज से लेकर कैंसर जैसे भयंकर बीमारियों तक के लिए चमत्कारी होता है। यह भी बताया जाता है कि मुनगा मल्टीविटामिन से भरपूर होता है। इसकी पत्तियों में प्रोटीन के साथ-साथ विटामिन बी-6, विटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन ई पाया जाता है। सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि इसमें आयरन, मैगनिशियम, पोटेशियम और जिंक जैसे मिनरल भी पाए जाते हैं। बच्चों में कुपोषण दूर करने में अति प्रभावशाली तथा खून की कमी को दूर करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

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