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लॉक डाउन में फंसे 53 हजार से अधिक श्रमिकों की छत्तीसगढ़ वापसी, 23 मई तक का विस्तृत आंकड़ा जारी

रविशंकर शर्मा  | 24 May , 2020 10:06 PM
लॉक डाउन में फंसे 53 हजार से अधिक श्रमिकों की छत्तीसगढ़ वापसी, 23 मई तक का विस्तृत आंकड़ा जारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ के श्रमिकों का अन्य राज्यों से वापसी का सिलसिला लगातार जारी है। 40 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से 23 मई तक कुल 53 हजार 852 श्रमिक लौट चुके हैं। सभी श्रमिकों को स्टेशनों से उनके गृह जिलों में बसों से पहुंचाया गया। सभी को क्वारेंटाइन सेंटरों में रखा गया है।  जिला प्रशासन की ओर से उनके रहने, भोजन और स्वास्थ्य जांच सहित आवश्यक व्यवस्था तय की गई है। शासन की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक श्रमिक स्पेशल ट्रेन गुजरात (अहमदाबाद) से 11 मई को 1265 श्रमिक और इसी स्थान से एक अन्य ट्रेन से 12 मई को 1387 श्रमिक बिलासपुर पहुंचे। पंजाब के अमृतसर से 13 मई को चांपा पहुंची ट्रेन से 1287, इसी दिन उत्तर प्रदेश के लखनउ से रायपुर पहुंची ट्रेन से 1853 श्रमिक, तेलंगाना के हैदाराबाद लिंगमपल्ली से 12 मई को राजनांदगांव, दुर्ग और बिलासपुर पहुंचने वाली ट्रेन में 797 श्रमिक, अहमदाबाद के बीरामगंम से 14 मई को बिलासपुर और चांपा पहुंचने वाली ट्रेन में 1525 श्रमिक, इसी दिन आंध्रप्रदेश के नेम्बूर विजयवाड़ा से दुर्ग, रायपुर बिलासपुर पहुंचने वाली ट्रेन में 1368 श्रमिकों की सकुशल वापसी हुई।

गुजरात के खेड़ा नाडियाड से 15 मई को बिलासपुर और चांपा पहुंची ट्रेन से 2022 श्रमिक, इसी दिन लखनउ से रवाना होकर बिलासपुर भाटापारा और रायपुर पहुुंची ट्रेन से 733 श्रमिक, अहमदाबाद साबरमती से रवाना होकर 16 मई को बिलासपुर और चाम्पा पहुंचने वाली ट्रेन में 1362 श्रमिक,लखनउ से रवाना होकर 16 मई को बिलासपुर, रायपुर, और दुर्ग पहुंचने वाली ट्रेन मेंं 1559 श्रमिक,लखनउ से चलकर 17 मई को बिलासपुर भाटापारा और रायपुर पहुंचने वाली ट्रेन से 1410 श्रमिक, भोपाल से रवाना होकर 17 मई को रायपुर और बिलासपुर पहुंचने वाली ट्रेन में 1360 श्रमिक पहुंचे।

गुजरात के खेड़ा नाडियाड से रवाना होकर 17 मई को रायपुर , भाटापारा , बिलासपुर , और चाम्पा पहुंचने वाली ट्रेन से 2142 श्रमिक, दिल्ली से रवाना होकर 17 मई को दुर्ग रायपुर, भाटापारा और बिलासपुर पहुंचने वाली ट्रेन से 1092 श्रमिक पहुंचे। तेलंगाना हैदाराबाद से रवाना होकर 18 मई को बिलासपुर दुर्ग और रायपुर पहुचने वाली ट्रेन से 2070 श्रमिक, वीरामगम अहमदाबाद से रवाना होकर 18 मई को चाम्पा पहुंचने वाली ट्रेन से 1777 श्रमिक, मेहसाणा गुजारात से रवाना होकर 19 मई को बिलासपुर और चाम्पा पहुंचने वाली ट्रेन से 2342 श्रमिक, महाराष्ट्र के पुणे से रवाना होकर 19 मई को दुर्ग रायपुर, भाटापारा, बिलासपुर पहुंचने वाली ट्रेन से 1582 श्रमिक,नागापल्ली विजयवाड़ा से रवाना होकर 19 मई को दुर्ग,रायपुर,बिलासपुर और चाम्पा पहुंचने वाली ट्रेन से 612 श्रमिक पहुंचे।

तमिलनाडू के चेन्नई से रवाना होकर 19 मई को रायपुर और दुर्ग पहुंचने वाली ट्रेन से 829 श्रमिक, उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद से 19 मई को बिलासपुर भाटपारा,रायपुर और दुर्ग पहुंचने वाली ट्रेन से 952 श्रमिक, लखनउ से रवाना होकर 20 मई को दुर्ग,भाटापारा, बिलासपुर और चाम्पा पहुंची ट्रेन से 1652, पंजाब के अमृतसर से रवाना होकर 20 मई को रायपुर, भाटापारा, बिलासपुर और चाम्पा पहुंचने वाली ट्रेन से 635 श्रमिक,तेलंगाना के विजयवाड़ा से रवाना होकर 20 मई को चाम्पा और रायपुर पहुंचने वाली ट्रेन से 1078 श्रमिक, करमाली से रवाना होकर 20 मई को रायगढ़ और रायपुर पहुंचने वाली ट्रेन से 470, महाराष्ट्र के पुणे से रवाना होकर 21 मई को दुर्ग, भाटापारा,बिलासपुर और चाम्पा पहुंचने वाली ट्रेन से 1865 श्रमिक पहुंचे।

जम्मू से रवाना से 21 मई को बिलासपुर पहुंचने वाली ट्रेन से 1069 श्रमिक, लखनउ से 21 मई को रायपुर पहुंचने वाली ट्रेन से 1483 श्रमिक, बंगलोर से रवाना होकर दुर्ग, रायपुर भाटापारा और बिलासपुर पहुंचने वाली ट्रेन से 1288 श्रमिक, वीरामगम अहमदाबाद से रवाना होकर 22 मई को रायपुर, भाटापारा,बिलासपुर और चाम्पा पहुंचने वाली ट्रेन से 1632 श्रमिक,जम्मू से रवाना होकर 22 मई को बिलासपुर पहुंचने वाली ट्रेन से 1554 श्रमिक , अहमदाबाद से रवाना होकर 22 मई को रायपुर, भाटापारा, बिलासपुर और चाम्पा पहुंचने वाली ट्रेन से 1926 श्रमिक पहुंचे। गुुजरात के अमदाबाद से 22 मई को रायपुर, भाटापारा, बिलासपुर और चांपा पहुंचने वाली ट्रेन से 1604 श्रमिक, साबरमती से रवाना होकर 23 मई को रायपुर भाटापारा, बिलासपुर और चाम्पा पहुंचने वाली ट्रेन से 2208 श्रमिक,उत्तराख्ंड के देहरादून से रवाना होकर 23 मई को रायपुर पहुंचने वाली ट्रेन से 1221 श्रमिक, महाराष्ट्र के पुणे से रवाना होकर 23 मई को बिलासपुर पहुंचने वाली ट्रेन से 795 और वीरामगम अहमदाबाद से रवाना होकर 23 मई को रायपुर, भाटापारा, बिलासपुर और चाम्पा पहुचने वाली ट्रेन से 2010 श्रमिक पहुंचे।

 

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