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भारत-चीन तनातनी पर मोदी-ट्रंप की हुई बात, अमेरिका ने भारत को दिया जी-7 सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण

ग्लिब्स टीम  | 03 Jun , 2020 02:21 PM
भारत-चीन तनातनी पर मोदी-ट्रंप की हुई बात, अमेरिका ने भारत को दिया जी-7 सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण

नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 2 जून (मंगलवार) को फोन पर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी को जी-7 सम्मेलन में शामिल होने का आमंत्रण दिया है। पीएम के मुताबिक, पीएम मोदी और अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने अन्‍य मुद्दों पर भी चर्चा की है, जैसे दोनों देशों में कोविड 19 की स्‍थ‍िति, भारत-चीन बॉर्डर पर स्थिति और विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन में सुधार की जरूरतों को लेकर चर्चा हुई है। मोदी ने ट्वीट किया, ”मेरे मित्र राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ गर्माहट भरी सार्थक चर्चा हुई। हमने जी-7 की अमेरिकी अध्यक्षता के लिए उनकी योजना, कोविड-19 महामारी और कई अन्य मुद्दों पर चर्चा की। पीएम मोदी ने भी कहा कि कोरोना महामारी के बाद के समय में इस तरह के मजबूत संगठन (जी-7) की दरकार है। पीएम मोदी ने कहा कि जी-7 सम्मेलन की सफलता के लिए अमेरिका और अन्य देशों के साथ मिलकर काम करना खुशी का विषय है। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका में जारी हिंसा को लेकर चिंता व्यक्त की और स्थिति के जल्द ठीक होने की कामना की।

जी-7 क्या है ?
जी-7 सात सदस्य देशों का संगठन है। फिलहाल कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका इसके सदस्य देश हैं। शनिवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने इसके विस्तार के प्रस्ताव रखा है। इस विस्तार में एशिया के दो देश -भारत और दक्षिण कोरिया- शामिल है। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया और रूस को भी इस संगठन का सदस्य बनाने की बात ट्रंप ने कही है।

जी-7 के सामने चुनौतियां :

जी-7 समूह सदस्य देशों के बीच कई तरह की असहमतियां भी हैं। पिछले वर्ष कनाडा में हुए जी-7 के शिखर सम्मेलन में अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप का जी-7 के अन्य सदस्य देशों के साथ मतभेद उत्पंन्न हो गया था। राष्ट्रपति ट्रंप के आरोप थे कि दूसरे देश अमेरीका पर भारी आयात शुल्क लगा रहे हैं। इसके साथ पर्यावरण के मुद्दे पर भी उनका सदस्य देशों के साथ मतभेद था।

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