GLIBS

रंगोली बनाकर आयोडीन अल्पता निवारण का दिया संदेश

राहुल चौबे  | 22 Oct , 2020 09:40 AM
रंगोली बनाकर आयोडीन अल्पता निवारण का दिया संदेश

रायपुर। आयोडीन अल्पता निवारण के प्रति जागरुक करने के लिए मितानिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहयिका के साथ किशोरियों ने मिलकर रंगोली बनाकर आयोडीन अल्पता निवारण का संदेश दिया। साथ ही स्वस्थ जीवन के लिए जनसामान्य को साफ-सफाई, स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल के बारे में भी जागरूक किया। गुढ़ियारी सेक्टर की पर्यवेक्षक रीता चौधरी ने बताया, गुढ़ियारी सेक्टर के आंगनबाड़ी केंद्र शुक्रवारी बाजार की कार्यकर्ता जया सिन्हा सहायिका सरिता श्रीवास्तव, मितानिन गायत्री साहू और किशोरी बालिका हर्षिता सिन्हा, मधु बघेल ने विश्वआयोडीन अल्पता दिवस पर रंगोली बनाकर आयोडीन की कमी से होने वाली समस्या के प्रति लोगों को जागरूक किया। साथ ही केंद्र पर मौजूद किशोरियों को आयोडीन की कमी से होने वाली समस्याओं के बारे में भी बताया गया। जैसे आयोडीन की कमी से नवजात शिशु के शरीर व दिमाग की वृद्धि व विकास में हमेशा के लिए रूकावट आ सकती है। छोटे बच्चों, नौजवानों और गर्भवती महिलाओं के लिए आयोडीन क्यों बहुत जरूरी है। आयोडीन मन को शांति प्रदान करती है, तनाव कम करती है, मस्तिष्क को सतर्क रखती है और बाल, नाखून, दांत और त्वचा को उत्तम स्थिति में रखने में मदद करता है। आयोडीन शरीर और मस्तिष्क दोनों की सही वृद्धि, विकास व संचालन के लिए आवश्यक है। 

पर्यवेक्षक चौधरी ने कहा, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पोषण अभियान के तहत लोगों में जागरूकता लाने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए आंगनबाडी कार्यकर्ताओं और सहयिकाओं के माध्यम से लोगों में साफ-सफाई और उचित खान-पान की जानकारी दी जा रही है साथ ही यह भी बताया जा रहा कि कोरोना संक्रमण काल में साफ-सफाई शारीरिक दूरी और सैनिटाइज़र का उपयोग से न सिर्फ बीमारियों से बचा जा सकता है, बल्कि सेहत के लिए भी यह जरूरी है। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं गृह भेंट के माध्यम से और आंगनबाड़ियों में लोगों को हाथों की साफ-सफाई रखने और गंदे हाथों और पानी से होने वाले संक्रामक बीमारियों के प्रति भी जागरूक कर रही हैं। कम से कम 20 सेकण्ड तक साबुन से कैसे हाथों को अच्छी तरह साफ किया जाए भी बताया जा रहा है। हाथों को धोने के बाद साफ कपड़े से कैसे पोछा जाना चाहिए। बच्चों की साफ-सफाई, खाना-खाने से पूर्व और शौच के बाद बच्चों में हाथ साबुन से धोने की आदत को व्यवाहरिक बनाने पर लोगों को बताया जा रहा है ।कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करते हुए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही है।

Author/Journalist owns and is responsible for views/news published and the publisher/printer is in no way liable for such content.