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प्रधानमंत्री मोदी के नाम कलेक्टर को ज्ञापन,बेरोजगार और बेसहारा परिवार का सहारा बनने केंद्र सरकार से मांग 

रविशंकर शर्मा  | 15 Jun , 2021 08:31 PM
प्रधानमंत्री मोदी के नाम कलेक्टर को ज्ञापन,बेरोजगार और बेसहारा परिवार का सहारा बनने केंद्र सरकार से मांग 

रायपुर। जनसेवा सामाजिक संस्था के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को संस्था के संरक्षक भगवानू नायक की अगुवाई में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम कलेक्टर सौरभ कुमार को ज्ञापन सौंपा। जनसेवा सामाजिक संस्था के महामंत्री आशीष तांडी ने कहा है कि सदी की सबसे बड़ी महामारी कोरोना की दूसरी लहर ने देश और दुनिया में जन-जीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। भारत देश में लगभग 3,67,081 लोग और अकेले छत्तीसगढ़ में लगभग 13,284 लोग कोरोना महामारी से मारे गए हैं। हजारों परिवार बेरोजगार और बेसहारा हो गए हैं। लोगों का जीवन संकट में आ गया।  ऐसे पीड़ित परिवारों को देश हित में  मुआवजा 4 लाख रुपए राशि और 5 हजार रुपए प्रतिमाह आजीवन पेंशन की मांग की गई है। 
भगवानू नायक ने कहा है कि कोरोना महामारी ने कई मां,बहनों को विधवा कर दिया, बूढ़े मां-बाप का सहारा छीन लिया। बच्चों के सिर से पिता का साया छूट  गया। पीड़ित परिवारों के सामने रोजी-रोजगार,भरण-पोषण, शिक्षा-दीक्षा, स्वास्थ्य की विकराल समस्या उत्पन्न हो गई है। उनका भविष्य अंधकारमय दिख रहा है। ऐसी स्थिति में सरकारों को ऐसे परिवारों के लिए विशेष व्यवस्था दी जानी चाहिए। जब देश की सर्वोच्च न्यायालय ने कोरोना  महामारी को प्राकृतिक आपदा माना है,तब केंद्र की सरकार और  राज्य की सरकारों को भी कोरोना महामारी को प्राकृतिक आपदा मानकर गंभीरता के साथ सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए शासन के राजस्व परिपत्र में प्राकृतिक आपदा आने पर की गई व्यवस्था के अनुसार मुआवजा राशि  दिया जाना चाहिए। कोरोना महामारी में मृत परिवारों को 4 लाख मुआवजा दिए जाने का मामला सर्वोच्च न्यायालय  में लंबित है।

इसमें न्यायालय ने केंद्र सरकार को 10 दिन का समय दिया है। 21 जून को सुनवाई होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से आग्रह है कि देश की जनता के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए कोरोना से मृत पीड़ित परिवारों को 4 लाख रुपए का मुआवजा और 5 हजार रुपए प्रतिमाह आजीवन पेंशन देने की घोषणा करें।
इस अवसर पर अध्यक्ष बंटी निहाल ने कहा हमने पूर्व में भी छत्तीसगढ़ शासन को ज्ञापन सौंपकर कोरोना से मुखिया खोने वाले परिवार को मुआवजा और पेंशन देने की मांग की है परंतु केंद्र के द्वारा इस सम्बंध में कोई दिशा निर्देश नहीं मिलने का हवाला देकर ऐसे मुआवजा आवेदन नहीं लिए जाने का छत्तीसगढ़ शासन ने आदेश जारी कर दिया है। जबकि दिल्ली और बिहार राज्य में मुआवजा और पेंशन दिए जाने का खबर सामने आई है। ऐसे में केंद्र सरकार की बड़ी जिम्मेदारी बनती है कि उन्हें देश हित में फैसला देते हुए तत्काल 4 लाख रुपया मुआवजा और आजीवन 5 हजार रुपया पेंशन राशि देने की घोषणा करनी चाहिए। 
विवेक तनवानी ने प्रधानमंत्री की ओर से की गई संवेदनशील घोषणाओं का स्वागत किया है। मांग की है कि प्रधानमंत्री को कोरोना से मृत  पीड़ित परिवारों को मुआवजा और पेंशन  देने का घोषणा करें। प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने वालों में भगवानू नायक, बंटी निहाल, आशीष तांडी,विवेक तनवानी, आनंद नायक,राम नारायण साहू,कैलाश सोनी, दिलीप सोना, जगबंधु महानंद आदि उपस्थित थे।

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