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भारत को विश्वगुरु बनाना दुनिया की आवश्यकता, वरना दुनिया नहीं बचेगी : मोहन भागवत

राहुल चौबे  | 05 Jul , 2021 10:56 AM
भारत को विश्वगुरु बनाना दुनिया की आवश्यकता, वरना दुनिया नहीं बचेगी : मोहन भागवत

नागपुर/रायपुर। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के कार्यक्रम में कहा, सभी भारतीयों का डीएनए एक है, चाहे वे किसी भी धर्म के हों। भागवत ने एकजुटता का आह्वान करते हुए कहा, भारत को विश्वगुरु बनाना यह दुनिया की आवश्यकता है। नहीं तो यह दुनिया नहीं बचेगी। डॉ. ख्वाजा इफ्तिखार अहमद की किताब 'THE MEETINGS OF MINDS' के लॉन्च कार्यक्रम के दौरान आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, हिंदू-मुस्लिम एकता भ्रामक है, क्योंकि वे अलग-अलग नहीं, बल्कि एक हैं। पूजा करने के तरीके के आधार पर लोगों में भेद नहीं किया जा सकता। उन्होंने मोब लिंचिंग पर बोलते हुए कहा, भीड़ में पीट-पीटकर हत्या (लिंचिंग) में शामिल होने वाले लोग हिंदुत्व के खिलाफ हैं। देश में एकता के बिना विकास संभव नहीं। एकता का आधार राष्ट्रवाद और पूर्वजों की महिमा होनी चाहिए।

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