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सांसद ज्योत्सना महंत ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, छत्तीगसढ़ को योजना में शामिल करने किया आग्रह

रविशंकर शर्मा  | 03 Jul , 2020 09:32 PM
सांसद ज्योत्सना महंत ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, छत्तीगसढ़ को योजना में शामिल करने किया आग्रह

रायपुर। कोरबा सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने गरीब कल्याण योजना में छत्तीसगढ़ को शामिल करने की मांग की है। सांसद ने लिखा है कि कोविड-19 के कारण सर्वाधिक मार देश के मजदूर और गरीब वर्ग के लोगों को पड़ी है, जिसमें उनके सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। ऐसे वर्ग के कल्याण के लिए उनके हितों को ध्यान में रखते हुए हाल ही में केन्द्र सरकार ने गरीब कल्याण योजना का शुभारंभ किया है। इसके तहत इन्हें मुफ्त राशन और नकद राशि दी जाएगी। इस योजना में देश के अनेक राज्यों को शामिल किया गया है, किंतु सर्वाधिक गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाला प्रदेश छत्तीसगढ़ को इस योजना में शामिल नहीं किया गया है। छत्तीसगढ़ में गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वालों का कुल प्रतिशत 47.9 है,जिसमें राष्ट्रीय औसत शहरी क्षेत्र के लिए 13.7 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों में 25.7 प्रतिशत है, जबकि अन्य प्रदेश जो छत्तीसगढ़ से प्रतिशत के आधार पर कम है, जैसे ओडिसा, मध्यप्रदेश, झारखण्ड, बिहार और राजस्थान, जो छत्तीसगढ़ के प्रतिशत की तुलना में आधा है, उसे भी इस योजना में शामिल किया गया है।
सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने लिखा है कि कोविड-19 महामारी की वर्तमान परिस्थिति में छत्तीगसढ़ के मजदूर अपने जीवन-यापन के लिए अपना गांव छोड़कर अन्य राज्यों में प्रवास पर गए थे, उन्हें अपने-अपने घर लौटने के लिए अत्याधिक कठिनाइयों को सामना करना पड़ा है। उन्हें मजबूरी में अधिक किराया प्रत्येक सदस्यों को चुकाना पड़ा है। कई किलोमीटर की दूरी पैदल ही सफर करनी पड़ी है। अभी तक पांच लाख से अधिक श्रमिक छत्तीसगढ़ वापस आ चुके हैं।
सांसद ने लिखा है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में छत्तीसगढ़ को शामिल नहीं करने से यहां के मजदूरों को इस योजना के लाभ से वंचित होना पड़ा है और उन्हें घोर निराशा हाथ लगी है। सांसद ने आग्रह किया है कि छत्तीसगढ़ राज्य के मजदूरों के हितों को ध्यान में रखते हुए,उनके कल्याण के लिए इस योजना में छत्तीसगढ़ राज्य को भी शमिल करने के लिए निर्देश प्रदान करने का कष्ट करेगें।

 

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