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सुप्रीम कोर्ट की इजाजत के बाद पुरी में शुरू हुई भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा

ग्लिब्स टीम  | 23 Jun , 2020 01:24 PM
सुप्रीम कोर्ट की इजाजत के बाद पुरी में शुरू हुई भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को ओडिशा में अधिकारियों को पुरी में भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथ यात्रा आयोजित करने की अनुमति दी। इसी के साथ पुरी की मशहूर रथ यात्रा मंगलवार सुबह शुरू हो गई है। हालांकि, यह पहला मौका है, जब इस रथ यात्रा को श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बिना ही पूरा किया जाएगा। मंगलवार यानी कि आज सुबह रथ यात्रा शुरू होने से पहले ही बड़ी संख्या में पुजारी और मंदिर के कार्यकर्ता बिना श्रद्धालुओं की मौजूदगी के जगन्नाथ मंदिर पहुंचे। गौरतलब है कि शंखनाद की ध्वनि, झांझ और ढोलक की थाप के साथ मंदिरों से देवताओं को रथ पर बिठाकर यात्रा की शुरुआत की गई। तीनों देवताओं को तीन पारंपरिक तौर पर बने लकड़ी के रथ- नंदीघोसा (जगन्नाथ के लिए), तलाध्वजा (बलभद्र के लिए) और देवदलन (सुभद्रा के लिए) पर बिठा कर ले जाया गया। रथों को पुरी के गुंडिचा मंदिर तक खींचा जाएगा, जो मुख्य जगन्नाथ मंदिर से लगभग 3 किलोमीटर दूरी पर स्थित है।
ओडिशा के पुरी में भक्तों की अनुपस्थिति में पहली बार भगवान जगन्नाथ और उनके भाई-बहनों की वार्षिक रथ यात्रा मंगलवार को शुरू हुई। सुप्रीम कोर्ट द्वारा जनता की उपस्थिति के बिना सीमित तरीके से इसे आयोजित करने के निर्देश के बाद वार्षिक उत्सव की शुरुआत की गई।

पुजारियों ने भोर में 'मंगल आरती' का आयोजन किया डिशा के कानून मंत्री प्रताप जेना ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का निर्देश है कि जो भी लोग इस रथ यात्रा में शामिल होंगे सबका कोविड-19 टेस्ट होना चाहिए। सभी सेवायत का कोरोना वायरस टेस्ट हुआ है, एक सेवायत पॉजिटिव आया है, उसे रथ यात्रा में शामिल होने नहीं दिया गया है। वहीं रथ यात्रा शुरु करने से पहले मंदिर को सेनिटाइज किया गया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक 500 से अधिक लोगों को रथ खींचने की अनुमति नहीं दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने रथयात्रा को लेकर कई कड़ी शर्तें लगाई हैं, जिसके चलते आम श्रद्धालु यात्रा में शामिल नहीं हो सकेंगे। वहीं ओडिशा सरकार यात्रा में शामिल होने वाले लोगों का पूरा ब्यौरा रखेगी।
 
सुदर्शन चक्र दिखता है सीधा :

मंदिर के शिखर पर ही अष्टधातु निर्मित सुदर्शन चक्र है। इस चक्र को नील चक्र भी कहा जाता है और मान्यता के अनुसार इसके दर्शन करना बहुत ही शुभ माना जाता है। इसकी खास बात यह है कि यदि आप किसी भी कोने से खड़े होकर किसी भी दिशा से इस चक्र को देखेंगें तो वह हमेशा आपके सामने बिल्कुल सीधा ही नजर आएगा। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को ओडिशा में अधिकारियों को पुरी में भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथ यात्रा आयोजित करने की अनुमति दी थी। इसके बाद से ओडिशा के पूरी और गुजरात के अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा शुरू हो गई है। वही कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए गुजरात हाई कोर्ट ने रथयात्रा पर रोक का आदेश दिया था, जिसके बाद मंदिर परिसर के अंदर ही रथ यात्रा निकालने का फैसला किया गया है। इस बार रथ यात्रा मंदिर परिसर में ही सात फेरे लगाएगी।

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