GLIBS

विषम परिस्थितियों में ही नेतृत्व का विकास होता है, बस्तर टॉक में शामिल हुए युवा वैभव नलगुंडवार

राहुल चौबे  | 19 Aug , 2020 01:17 PM
विषम परिस्थितियों में ही नेतृत्व का विकास होता है, बस्तर टॉक में शामिल हुए युवा वैभव नलगुंडवार

रायपुर। बस्तर टॉक के दूसरे सीजन में आत्मनिर्भर भारत और युवाओं की भूमिका इस विषय पर विचार रखते हुए पॉलीटिकल कम्युनिकेशन एक्सपर्ट वैभव नलगुंडवार ने कहा कि हम में नेतृत्व की क्षमता नैसर्गिक होती है। जब हम विषम परिस्थितियों में होते हैं तो नेतृत्व क्षमता मजबूती के साथ सामाजिक जीवन में सहयोग करती है।उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता का मतलब स्वयं के स्किल्स को और मजबूत कर के युवा भविष्य में अपनी भूमिका को और महत्वपूर्ण कर सकते हैं। अगर आप अपना भविष्य सुरक्षित रखना चाहते हैं तो हमेशा संघर्ष के रास्ते में चले तो बेहतर होगा। वर्तमान में हम संघर्ष के रास्ते नहीं चलेंगे तो भविष्य में हमारी चुनौतियां भी बढ़ जाएगी। नेतृत्व का विकास जीवन के हर आयाम में होता है। नेतृत्व के बल पर राजनीति, खेल, व्यापार या किसी भी क्षेत्र में सफल हो सकते हैं।

उन्होंने कहा कि जीवन में नेतृत्व क्षमता का विकास सतत् प्रक्रिया है और यह आपके अध्ययन और चिंतन से ही मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि युवाओं को हर क्षेत्र में आने से पहले कारगर योजनाओं को मजबूत करना चाहिए। जितना आप मेहनत करेंगे, उतना ही नेतृत्व क्षमता मजबूत और विकसित होगा। त्याग, परिश्रम, तपस्या यह हमारे नेतृत्व क्षमता के गुणों को और विकसित करता है। हमें जीवन में हमेशा नई पहल करने की जरूरत होती है। इससे कि सपनों को हकीकत में बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि जब आप योजनाबद्ध तरीके से अपने मजबूत नेतृत्व क्षमता के साथ कार्य करेंगे तो निश्चित ही सफल होंगे। हमेशा असफलता के बीच ही सफलता की कहानियां रची जाती है। युवा वक्ता वैभव नलगुंडवार पुणे के एक संस्थान में राजनीतिक नेतृत्व प्रबंधन के छात्र रहे हैं। इस स्कूल ऑफ गवर्नेंस की स्थापना भारत के पूर्व चुनाव आयुक्त टीएन शेषन ने की थी।

Author/Journalist owns and is responsible for views/news published and the publisher/printer is in no way liable for such content.