GLIBS

साइकिल पर पिता को बिहार ले जाने वाली ज्योति कुमारी को मिला बड़ा मौका, अब बन सकती है 'सुपरस्टार', पढ़ें पूरी खबर...

ग्लिब्स टीम  | 23 May , 2020 12:00 PM
साइकिल पर पिता को बिहार ले जाने वाली ज्योति कुमारी को मिला बड़ा मौका, अब बन सकती है 'सुपरस्टार', पढ़ें पूरी खबर...

नई दिल्ली। बिहार की 15 वर्षीय बेटी ज्योति कुमारी की हिम्मत को देश में ही नहीं बल्कि विदेश में भी सराहा जा रहा है। बीते दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी और सलाहकार इवांका ट्रंप ने ज्योति कुम्हारी की हिम्मत को सराहा। अब ज्योति को एक बड़ा मौका मिला है। दरअसल बिहार की रहने वाली ज्योति अपने बीमार पिता को साइकिल पर बैठाकर दिल्ली से बिहार के बीच की दूरी तय की थी। अब उसी खबर से संबन्धित एक अच्छी खबर आई है।
भारतीय साइकिलिंग महासंघ के निदेशक वीएन सिंह ने लॉक डाउन में अपने पिता को साइकिल पर बैठाकर ग्रुरुग्राम से बिहार के दरभंगा पहुंची। ज्योति को क्षमतावान करार देते हुए कहा है कि भारतीय साइकिलिंग महासंघ उसे एक ट्रायल का मौका देगा और अगर वह सीएफआइ के पैमाना पर थोड़ी भी खरी उतरती हैं तो उसे विशेष ट्रेनिंग और कोचिंग मुहैया कराई जाएगी।

बताया जा रहा है कि बिहार की रहने वाली ज्योति लॉक डाउन में अपने पिता मोहसन पासवान को साइकिल पर बैठकर 1000 किमी से ज्यादा की दूरी महज 8 दिन में तय करके ग्रुरुग्राम से बिहार के दरभंगा पहुंची थी। ज्योति रोजाना 100 से 150 किमी साइकिल चलाई थी। दरअसल भारतीय साइकिलिंग महासंघ के निदेशक वीएन सिंह ने कहा कि महासंघ हमेशा प्रतिभावान खिलाड़ियों की तलाश में रहता है और अगर ज्योति में क्षमता है तो उसकी पूरी मदद की जाएगी। आगे उसे ट्रेनिंग और कोचिंग शिविर में डाल सकते हैं। हालांकि उससे पहले हम ज्योति की प्रतिभा को परखेंगे। अगर वह हमारे मानकों पर खरी उतरती है तो उसकी पूरी सहायता करेंगे।

विदेशों से मंगाई गई साइकिल पर उसे ट्रेनिंग दी जाएगी। गौरतलब है कि वीएन सिंह ने स्वीकार किया है कि 15 साल की बच्ची के लिए रोजाना 100 किमी से अधिक साइकिल चलाना आसान काम नहीं है। हालांकि यह बात मैं मीडिया में आई खबरों के आधार पर ही बोल रहा हूं लेकिन अगर उसने सचमुच ऐसा कुछ किया है तो वह काफी सक्षम है। बता दें कि ज्योति के पिता गुरुग्राम में रिक्शा चलाते थे और उनके दुर्घटना का शिकार होने के बाद वह अपनी मां और जीजा के साथ गुरुग्राम आई थी और फिर पिता की देखभाल करने के लिए वहीं रुक गई। इसी बीच देश में राष्ट्रव्यापी लॉक डाउन की घोषणा हो गई और ज्योति के पिता का काम रुक गया। ऐसे में ज्योति ने अपने पिता के साथ साइकिल पर अपने मूल राज्य जाने का निर्णय लिया। मिली जानकारी के अनुसार अपने घर में ही पृथकवास का समय काट रही ज्योति ने कहा है कि अगर उन्हें मौका मिलता है तो वह ट्रायल के लिए तैयार है।

Author/Journalist owns and is responsible for views/news published and the publisher/printer is in no way liable for such content.