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इरफान का यूं अचानक चला जाना रुला गया छालीवुड के सितारों को,सबने कहा-उनसा न हुआ है और न होगा

यामिनी दुबे  | 29 Apr , 2020 07:15 PM
इरफान का यूं अचानक चला जाना रुला गया छालीवुड के सितारों को,सबने कहा-उनसा न हुआ है और न होगा

रायपुर। बॉलीवुड के मशहूर सितारे इरफान खान के निधन की खबर से छत्तीसगढ़ की फ़िल्म इंडस्ट्री यानी छालीवुड भी स्तब्ध रह गया। जिसने ये खबर सुनी उसने यही कहा ऐसा नहीं हो सकता,पर ऐसा हो चुका था। बेहतरीन एक्टिंग के लिए कम समय मे अपना अलग मुकाम बना चुके इरफान खान सबको रोता बिलखता छोड़ कर जा चुके थे। नेचुरल एक्टिंग में बेताज बादशाह थे इरफान और उनकी डायलॉग डिलीवरी भी बेजोड़ थी। बिंदास तो वे थे ही और कई बार परम्पराओं के खिलाफ खुलकर बोल कर विवाद में भी आये थे। पर वे इरफान थे,न झुके न थके न हारे न रुके,बस अपनी ज़िंदगी जीते चले गए और आज उनके सफर को मौत ने पूरा कर दिया। छालीवुड के भी मशहूर हस्तियों ने उनके निधन पर दुःख जताया है। मशहूर रंगकर्मी व इप्टा के नाट्य निर्देशक मिनहाज असद ने कहा कि अपने सहज और स्वाभाविक अभिनय के द्वारा अपनी अलग पहचान बनाने वाले इरफ़ान ख़ान का असामयिक निधन बेहद अफ़सोस की बात है। सहज और सरल अभिनय करना काफी मुश्किल होता है और इरफ़ान ख़ान इस कला में माहिर थे। वह हमेशा नये प्रयोग करते रहते थे।

 

 

 छत्तीसगढ़ की पहली सुपर डुपर हिट फिल्म मोर छैंया भुइँया के निर्माता निर्देशक सतीश जैन ने कहा कि हिंदी फिल्म इंड्ट्री में इरफान खान का प्रवेश उस वक्त हुआ जब  इस इंडस्ट्री में नाटकीय और melodramati एक्टिंग का दौर चल रहा था। ऐसे समय में  इरफान नेचुरल और रियलिस्टिक अभिनय की मशाल थामे आए और फिल्म दर फिल्म अपनी अभिनय कौशल से पूरी इंडस्ट्री को जगमगा दिया।और देखते देखते साधारण सी शकल सूरत वाला यह कलाकार फिल्म उद्योग का सेलेबल स्टार बन गया।ऐसे विलक्षण प्रतिभाशाली कलाकार को दिल से नमन ।

 

मशहूर निर्देशक मनोज वर्मा ने कहा आज एक ऐसे कलाकार के निधन की खबर आई है,जिस पर विश्वास करने की हिम्मत नहीं हो रही है। अभिनय को नया आयाम देने वाले इरफान खान ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सिनेमा में वो मुकाम हासिल किया है,जो अपने आप में एक मिसाल है। उनका इस तरह असमय चला जाना , सिनेमा जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।

 

छत्तीसगढ़ सीने एंव टीवी प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष जैन ने कहा बहुत कम समय मे बड़ा मुकाम बनाने वाले दिग्गज कलाकार इरफान खान का यू एकाएक चला जाना अखर गया, बड़ी मेहनत और शिद्दत से उन्होंने इतनी बड़ी फिल्म इंडस्ट्रीज में मुकाम बनाया,नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से माया नगरी तक सीढ़ी दर सीढ़ी पार कर उन्होंने पान सिंह तोमर, मसान, इंग्लिश मीडियम,मकबूल, द लंच बाक्स से लेकर हॉलीवुड में भी सफलता का परचम फहराया है। इरफान अपने सरल व्यवहार व संजीदा अभिनय के लिए सदा याद किये जायेंगे। देश ओर दुनिया के साथ छत्तीशगढ़ फ़िल्म इंडस्ट्रीज की ओर से उनको भावभीनी श्रद्धांजलि।

 

 

फ़िल्म निर्माता निर्देशक व आलाप आर्टिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुमोद राजवैद्य ने कहा इरफान खान के आकस्मिक निधन से वे शोकाकुल है। इरफान जैसे वर्सेटाइल एक्टर ने अपने अभिनय के दम पर आर्ट सिनेमा को बॉक्स ऑफिस में मजबूत करने का काम किया है। वे एक ऐसे एक्टर थे जिन्होंने दूरदर्शन के दौर में चंद्रकांता जैसे सीरियल में अपने अभिनय का लोहा मनवाया था और फिर -पान सिंह तोमर,सात खून माफ,हिंदी मीडियम,पीकू और वर्तमान में अंग्रेजी मीडियम जैसी फिल्मो से उन्होंने अपने अभिनय की ऊंचाई का एहसास पूरी दुनिया को कराया।

मशहूर संगीतकार ओंकार चौहान ने कहा कि अभिनय जिनकी रुह में बसता था, ऐसा कलाकार जिन्हें अपने फन से मुहब्बत हो गई हो अचानक इस दुनिया से रूखसत कर जाये उसे बयाँ नहीं किया जा सकता,सिर्फ अफसोस किया जा सकता है।

 

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