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प्रभारी मंत्री सिंहदेव ने ली डीएमएफ की पहली बैठक, किया 70 करोड़ की कार्ययोजना का अनुमोदन

राहुल चौबे  | 25 Sep , 2019 09:09 PM
प्रभारी मंत्री सिंहदेव ने ली डीएमएफ की पहली बैठक, किया 70 करोड़ की कार्ययोजना का अनुमोदन

रायपुर। पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य तथा बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के प्रभारी मंत्री टीएस सिंहदेव ने बुधवार को बलौदाबाजार में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) के शासी निकाय की पहली बैठक ली। बैठक में चालू वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए लगभग 70 करोड़ रूपए की कार्ययोजना का अनुमोदन किया गया। इनमें करीब 49 करोड़ रूपए उच्च प्राथमिकता वाले कामों में और लगभग 21 करोड़ रूपए अन्य कार्यो में खर्च किये जाएंगे। बैठक में डीएमएफ के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2016-17, 2017-18 एवं 2018-19 में स्वीकृत लगभग 156 करोड़ रूपए के हो चुके कामों का भी अनुमोदन किया गया। राज्यसभा सांसद छाया वर्मा, विधायकगण चंद्रदेव राय, प्रमोद शर्मा, शिवरतन शर्मा और शकुन्तला साहू, पूर्व विधायक जनकराम वर्मा तथा बरडीह की सरपंच अमृतबाई वर्मा सहित शासी निकाय के अन्य सदस्य भी बैठक में मौजूद थे। प्रभारी मंत्री सिंहदेव ने कहा कि राज्य सरकार के नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक अब डीएमएफ की राशि खर्च की जाएगी। उन्होंने बताया कि नए नियमों के अंतर्गत निर्माण कार्यों से ज्यादा प्राथमिकता सेवा संबंधी कार्यों को दिया गया है। अस्पतालों में डॉक्टर, नर्स और टेक्नीशियन के रिक्त पदों की पूर्ति डीएमएफ मद से की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों के लिए सरकार से नियमित रूप से बजट नहीं मिल पाता है, उनके लिए गैप-फिलिंग के तौर पर डीएमएफ का उपयोग किया जाएगाबैठक में बलौदाबाजार जिले के एनीमिया ग्रस्त महिलाओं को पूरक पोषण आहार डीएमएफ से दिए जाने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार जिले में लगभग 10 हजार महिलाएं एनीमिक के रूप से चिन्हित की गई हैं। आदिवासी-अनुसूचित जाति आश्रम एवं छात्रावासों में बच्चों को शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के लिए आरओ मशीन भी लगाए जाएंगे। बैठक में नगरीय क्षेत्रों में सौंदर्यीकरण के लिए हाई मास्ट लाइट और मशीनों से तालाब गहरीकरण जैसे कार्यों की सैद्धांतिक स्वीकृति भी प्रदान की गई कलेक्टर एवं खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) के शासी निकाय के सदस्य-सचिव कार्तिकेय गोयल ने बताया कि जिले में खनन प्रभावित 66 गांव हैं। उपलब्ध राशि का आधा हिस्सा इन गांवों में खर्च किए जाने का प्रावधान किया गया है। उच्च प्राथमिकता के अंतर्गत पेयजल आपूर्ति, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा, कृषि एवं संबद्ध गतिविधियां, महिला एवं बाल विकास, वृद्ध एवं निःशक्तजन कल्याण, कौशल विकास एवं रोजगार, स्वच्छता, जनकल्याण के काम, सतत जीविकोपार्जन और इन कामों को संपादित करने के लिए मानव संसाधन की आपूर्ति शामिल हैं। बैठक में शासी परिषद के सदस्यगण आशीष पन्पालिया, कमल शर्मा, भुनेश्वर वर्मा और पुलिस अधीक्षक नीतू कमल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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