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हाईकोर्ट ने निरीक्षक-एसआई को जारी डिमोट आदेश पर लगाई रोक, शासन से 4 हफ्ते में मांगा जवाब

राहुल चौबे  | 24 Jan , 2020 02:30 PM
हाईकोर्ट ने निरीक्षक-एसआई को जारी डिमोट आदेश पर लगाई रोक, शासन से 4 हफ्ते में मांगा जवाब

रायपुर। जस्टिस गौतम भादुड़ी की सिंगल बेंच ने पुलिस रेगुलेशन एक्ट में आईजी को निरीक्षक व एसआई को आरोप पत्र जारी करने का अधिकार नहीं होने के कारण याचिकाकर्ताओं के खिलाफ पारित आदेश पर रोक लगाकर शासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता आनन्द राम, श्रवण कुमार टंडन कोरिया जिले में उपनिरीक्षक के पद पर पदस्थ हैं। दोनों के खिलाफ आईजी सरगुजा से शिकायत की गई। मामले की शिकायत पर आईजी ने दोनों के खिलाफ आरोप पत्र जारी कर दिया था। साथ ही दोनों को डिमोट कर तत्काल प्रभाव से एक वेतनवृद्धि रोकने का आदेश पारित किया। आदेश के खिलाफ याचिकाकर्ताओं ने अधिवक्ता धीरज वानखेड़े के जरिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में कहा गया कि पुलिस रेगुलेशन एक्ट 228 में निरीक्षक व उपनिरीक्षक को आरोप पत्र देने का अधिकार एसपी को है। इसलिए आइजी द्वारा जारी किया गया आरोप पत्र नियम विरुद्ध है। इसे निरस्त किया जाए। सिंगल बेंच ने शासन को दोनों अधिकारियों के खिलाफ किसी प्रकार की दंडात्मक कार्यवाही नहीं करने का निर्देश देते हुए 4 सप्ताह में जवाब तलब किया है।

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