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अल्पसंख्यक आयोग न्यायालय में हुई सुनवाई, मदरसों के संबंध में बयान दर्ज

रविशंकर शर्मा  | 09 Jun , 2020 08:49 PM
अल्पसंख्यक आयोग न्यायालय में हुई सुनवाई, मदरसों के संबंध में बयान दर्ज

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग मुख्यालय में स्थित आयोग न्यायालय में मंगलवार को सुनवाई की गई। कोविड-19 के नियंत्रण व बचाव के लिए जारी निर्देशों का पालन कर आयोग में प्रकरण की सुनवाई हुई। अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष महेन्द्र छाबड़ा ने बताया कि राज्य में संचालित मदरसों के संदर्भ में एक प्रकरण आयोग में दर्ज किया गया है। प्रकरण में बताया गया है, कि सत्र 2016-17 में 282 मदरसे अनुदानित थे। इसमें 218 मदरसों को ही भुगतान किया गया और 64 मदरसों को इनका प्रस्ताव अनियमितता के वजह प्राप्त नहीं हुआ। साथ ही बोर्ड की ओर से माध्यमिक शाला को सत्र 2015-16 में कम्प्यूटर दिया गया था।

जितने भी दिए गए सब घटिया किस्म के हैं। ज्यादातर खराब हो चुके हैं। मदरसा बोर्ड की ओर से प्रतिवर्ष प्रत्येक शिक्षकों को शासन से 1500 रुपए प्राप्त होता है, किन्तु शिक्षकों को बगैर प्रशिक्षण दिए, फण्ड कहां जाता है पता नहीं, इसमें भी मदरसा बोर्ड की ओर से अर्थिक अनियमितता प्रतीत होती है।  मदरसा के संबंध में जब भी मदरसा शिक्षक/शिक्षिकाएं मदरसा बोर्ड के अधिकारी/कर्मचारियों से संपर्क करते हैं तो डांट फटकार अभद्र व्यवहार किया जाता हैै। उपरोक्त बिन्दुओं समेंत कुल 9 बिन्दुओं पर संबंधित शिकायतकर्ता का बयान दर्ज किया गया है, इसके बाद आयोग के अधिनियमों के अनुसार कार्यवाही की जाएगी। इस दौरान आयोग के सदस्य हफीज खान और अनिल जैन, आयोग के सचिव एमआर खान भी मौजूद थे।

 

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