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गोधन न्याय योजना: सूरज को गोबर बेचकर करीब 47 हजार रूपयें का मिला अतिरिक्त लाभ

अमर केशरवानी  | 09 Nov , 2020 08:02 PM
गोधन न्याय योजना: सूरज को गोबर बेचकर करीब 47 हजार रूपयें का मिला अतिरिक्त लाभ

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी गोधन न्याय योजना ग्रामीणों, किसानों, गौपालकों के साथ-साथ गौठानों से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं की आमदनी में इजाफे का सबब बन गई है। इस योजना के तहत गौठानों में गोबर बेचने वाले ग्रामीणों एवं पशुपालकों, चरवाहों को हर पखवाड़े  अच्छी खासी आमदनी हो रही है, जिसके चलते उनकी दैनिक जीवन की जरूरतें सहजता से पूरी होने लगी है। छत्तीसगढ़ सरकार की इस बहुआयामी एवं लाभकारी योजना ने देश-दुनिया को आकर्षित किया है। गोधन न्याय योजना से हो रही अतिरिक्त आय से पशुपालक व किसानों के चेहरे पर खुशी का माहौल है। गोबर से हो रही अतिरिक्त आमदनी से किसानों में समृद्धि आयी है। आर्थिक समृद्धि से खेती-बाड़ी के विस्तार के  हौसलें बढ़े है। वे अपने सुख सुविधाओं और अपने खेती-बाड़ी को विस्तार करने मे रूची ले रहें हैं। गाय, भैंस पालने वाले पशुपालकों को पहले केवल दूध व खाद से ही आमदनी होती थी। अब हर पंद्रह दिनों में गोबर बेचने का पैसा भी मिल रहा हैं। राज्य सरकार ने गोधन न्याय योजना के तहत 2 रूपए प्रति किलो की दर से गोबर खरीदना प्रारंभ किया है। इसी कड़ी में नवागढ़ विकासखंड के ग्राम पचेड़ा के युवा कृषक सूरज कश्यप ने बताया कि उसे गोधन न्याय योजना से अतिरिक्त लाभ होने लगा है। इससे वे धान की खेती के साथ-साथ सब्जी भाजी उत्पादन के लिए भी तैयारी कर रहें है।

गोधन न्याय योजना से उसे अब तक करीब 47 हजार रूपयें की आमदनी हुई है। इससे वे अपने खेतों में सिचाई सुविधा के लिए बोर खुदवाने की तैयारी कर रहें हैं। वे खेती-बाड़ी की सुरक्षा के लिए 05 एकड़ खेत में तार घेरा का कार्य धान कटाई के बाद शुरू करेंगें। सूरज ने बताया कि पैसों के अभाव के कारण सब्जी-भाजी उत्पादन के लिए बोर व तार घेरा नहीं करवा पा रहे थे। गोधन न्याय योजना से गोबर से नकदी आय होने लगी है। खेती किसानी के विस्तार के लिए हिम्मत बढ़ी है। अपनी इच्छा अनुसार अब अपने खेत पर धान के अलावा सब्जी भाजी मसाला आदि की भी खेती कर सकेंगें। उन्होने गोधन न्याय योजना की तारीफ करते हुए राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया हैं। उल्लेखनीय है कि सभी विभागों के समन्वित प्रयास से गौठान और गोधन न्याय योजना का राज्य में सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है और इसका लाभ ग्रामीणों, किसानों, पशुपालकों सहित समाज के गरीब तबके के लोगों को मिलने लगा है। वर्मी कम्पोस्ट सहित अन्य सामग्रियों के निर्माण के लिए महिला समूहों को प्रशिक्षित किए जाने पर जोर दिया जा रहा है। सुराजी गांव , गोधन न्याय  और राजीव गांधी किसान न्याय योजना  से किसानों की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हो रहा है इसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है।

 

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