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कृषि विरोधी कानूनों के खिलाफ किसानों ने किया चक्का जाम,केंद्र के साथ राज्य सरकार को किया कटघरे में खड़ा

बीएन यादव  | 05 Nov , 2020 08:54 PM
कृषि विरोधी कानूनों के खिलाफ किसानों ने किया चक्का जाम,केंद्र के साथ राज्य सरकार को किया कटघरे में खड़ा

 कोरबा। छत्तीसगढ़ किसान सभा और छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन के आह्वान पर मोदी सरकार द्वारा बनाये गए किसान विरोधी कानूनों के खिलाफ और न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था सुनिश्चित करने, खाद्यान्न आत्मनिर्भरता और ग्रामीण जनता की आजीविका बचाने तथा पूरे प्रदेश में सहकारी समितियों के माध्यम से 10 नवम्बर से धान की खरीदी शुरू करने और  छत्तीसगढ़ सरकार से वन अधिकार का पट्टा देने की मांग पर आज रैनपुर में दीपका पाली रोड पर सैकड़ो किसानों ने चक्काजाम किया और कई जगह मोदी सरकार के पुतले जलाए और इन कॉर्पोरेटपरस्त कानूनों को निरस्त करने की मांग की। आंदोलनकारी संगठनों ने केंद्र सरकार के बनाये कानूनों के दुष्प्रभावों को निष्प्रभावी करने के लिए राज्य के स्तर पर एक सर्वसमावेशी कानून बनाने की भी मांग की है।

उल्लेखनीय है कि आज 500 से अधिक किसान संगठनों द्वारा "कॉर्पोरेट भगाओ-खेती-किसानी बचाओ-देश बचाओ" के केंद्रीय नारे पर देशव्यापी चक्का जाम का आह्वान किया गया था। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, जनवादी महिला समिति  के कार्यकर्ता भी  इस आंदोलन के समर्थन में आज सड़कों पर उतरे। मोदी सरकार के कृषि विरोधी कानूनों के खिलाफ जिले में छत्तीसगढ़ किसान सभा,मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, जनवादी महिला समिति,छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन के बैनर तले दो घंटे तक चक्काजाम  चला और कई जगह पर पुतला फूंका गया। चक्काजाम से कोल परिवहन की गाड़ियों की कई किलोमीटर तक लंबी लाइन लग गई  और जाम का व्यापक असर देखने को मिला। चक्काजाम को छत्तीसगढ़ किसान सभा के नंद लाल कंवर, जवाहर सिंह कंवर, मुखराम, वेदप्रकाश, छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन के दीपक साहू,माकपा जिला सचिव प्रशांत झा,माकपा पार्षद राजकुमारी कंवर, सुरति कुलदीप ने संबोधित किया।

 

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