GLIBS

नहरों के जीर्णोद्धार से किसान हुए लाभान्वित, अंतिम छोर के गांव तक पहुंचा सिंचाई का पानी

नरेश भीमगज  | 17 Nov , 2020 06:06 PM
नहरों के जीर्णोद्धार से किसान हुए लाभान्वित, अंतिम छोर के गांव तक पहुंचा सिंचाई का पानी

कांकेर। जिले में नहरों के जीर्णोद्धार से सिंचाई रकबा में वृद्धि हुई है, जिससे क्षेत्र के किसान लाभान्वित हुए हैं। जल संसाधन विभाग द्वारा चारामा विकासखण्ड के अंतर्गत सेन्दारनाला व्यपवर्तन का जीर्णोद्धार एवं नहर लाइनिंग कार्य किया गया है, जिससे अंतिम छोर के गांव तक सिंचाई पानी पहुंचने से किसानों में खुशी है।बता देें कि चारामा विकासखण्ड के अंतर्गत सेन्दारनाला व्यपवर्तन का निर्माण लगभग 30 वर्ष पहले कराया गया था। इसके अंतर्गत एक मुख्य नहर जिसकी लंबाई 23 किलोमीटर तथा 5 माइनर नहरों का निर्माण किया गया है। इस व्यपवर्तन के पूर्ण होने के बाद शुरू में किसानों को इसका लाभ मिल रहा था, लेकिन कालांतर में अनुरक्षण के अभाव में नहरों की सिंचाई क्षमता में गिरावट आती गई, जिसके कारण रूपांकित क्षमता के अनुरूप सिंचाई नहीं हो पा रही थी।

उक्त व्यपवर्तन से अंतिम छोर के किसानों को भी लाभान्वित करने के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इस योजना की जीर्णोंद्धार एवं नहर लाइनिंग कार्य के लिए 809 लाख रूपये की स्वीकृति की गई। इसे निविदा के माध्यम से 741.79 लाख रूपये व्यय कर इस व्यपवर्तन को जुलाई 2020 में पूर्ण किया गया है। सेन्दारनाला व्यपवर्तन का रूपांकित सिंचाई क्षमता 1215 हेक्टेयर है, लेकिन पूर्व में इससे मात्र 203 हेक्टेयर क्षेत्र में ही खरीफ फसल की सिंचाई हो पा रही थी। नहरों का जीर्णोंद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य के बाद इस वर्ष 680 हेक्टेयर में खरीफ सिंचाई की गई है, जो पिछले वर्षों के तुलना में 477 हेक्टेयर अधिक है।

 

Author/Journalist owns and is responsible for views/news published and the publisher/printer is in no way liable for such content.