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हाथियों के दल ने फिर मचाया उत्पात,किसान का घर तोड़ा,फसलों को रौंदा,रतजगा कर रहे ग्रामीण

तरूण अम्बस्ट  | 19 Oct , 2020 08:32 PM
हाथियों के दल ने फिर मचाया उत्पात,किसान का घर तोड़ा,फसलों को रौंदा,रतजगा कर रहे ग्रामीण

अंबिकापुर। वन परिक्षेत्र उदयपुर में सात हाथियों का दल विगत एक माह से भी अधिक समय से उत्पात मचाए हुए हैं। हाथियों ने दावा से होते हुए करमकठरा जंगल मे प्रवेश किया था। विगत दो दिनों में जजगा में एक व्यक्ति के घर को तोड़ा है केदमा रोड में जजगी गांव के मुहाने पर शनिवार को एक स्कूटी,एक बाइक एवं एक साइकिल को क्षतिग्रस्त कर दिया है। हाथियों का दल जजगी से निकलकर रेण नदी को पार करते हुए धान के खेतों की फसल को रौंदते हुए जजगा पहुंचे। पीछे पीछे सैकड़ों ग्रामीण टार्च लेकर उनके पीछे पड़े रहे। एनएच 130 के बगल में रमपुरहिन दाई मंदिर के समीप स्थित कच्चे के मकान के एक हिस्से को गिराया तथा घर में चावल बनाकर रखे बर्तन को खेतों की ओर उठाकर ले गए। पके हुए चावल को खाने के बाद बर्तन को पैरों तले कुचल दिये। हाथी घर जब घर तोड़ने की कोशिश करने लगा तब घर में रह रहे सदस्य घर से भाग गए। हाथियों के जाने के बाद देर रात वापस घर लौटे। एन 130 पर हाथियों के चढ़ने के बाद रोड रोड क्रॉसिंग के उद्देश्य वन अमला द्वारा ट्रैफिक को कुछ देर के लिए रोका गया परंतु सैकड़ों लाइटों एवं उपस्थित लोगों के शोर से हाथी एनएच को क्रास करने की बजाय वापस जजगी रेण नदी किनारे धान के खेतों में और गन्ने की फसलों में पहुंच गए।

वन अमले के लाख समझा समझाइश के बाद भी लोग हाथी के पीछे पीछे जाना नहीं छोड़ रहे हैं, जिससे जनहानि की आशंका बनी हुई है। आसपास 4 से 5 गांव के किसानों के धान की फसल को नुकसान पहुंचाया है। हाथियों के डर से ग्रामीण रतजगा करने को मजबूर हैं। हाथियों का दल कब किस ओर जाएगा इसका पता नहीं रहता है। आसपास के 5 से 6 गांव के लोग वन अमला के साथ मिलकर रात भर हाथियों की निगरानी में लगे हुए रहते हैं। सभी हाथी दिनभर करमकठरा जंगल में  शांत रहने के बाद शाम को बाहर निकलकर पूरी रात अलकापुरी, जजगी, जजगा में घूमकर धान के फसलों को बुरी तरह से रौंदकर और खाकर धान गन्ना, अरहर एवं मक्का की फसल को नुकसान पहुंचाया है। हाथियों से लोगों को बचाने के लिए वन अमला निगरानी में लगा हुआ है । वन अमला द्वारा लोगों को जागरूक करने के लिए मुनादी करा रहा है तथा लोगों को हाथियों से दूर रहने की सलाह भी दी जा रही है। जंगल किनारे एकांत घरों में रहने वाले लोगों को बस्ती में आकर निजी व शासकीय पक्के मकान व छतों में रखने की व्यवस्था की जा रही है। हाथियों के निगरानी में गजराज वाहन सुरक्षा उपकरणों के साथ उदयपुर वन अमला जुटा हुआ है।

 

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