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स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में कोविड केयर केंद्रों की सुविधा के मामले में दुर्ग  अग्रणी

संध्या सिंह  | 20 Oct , 2020 10:06 PM
स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में कोविड केयर केंद्रों की सुविधा के मामले में दुर्ग  अग्रणी

दुर्ग। स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में कोविड केयर सेंटर में सुविधाओं के संबंध में दुर्ग का प्रदर्शन शानदार रहा है। कोविड केयर सेंटर के मामले में दुर्ग अग्रणी स्थान पर है। 89 प्रतिशत लोगों ने इस संबंध में पाजिटिव फीडबैक दिया। स्वास्थ्य विभाग थर्ड पार्टी से यह सर्वे कराता है। कोविड केयर सेंटरों के संबंध में 85 प्रतिशत से अधिक लोगों द्वारा पाजिटिव फीडबैक दिये जाने पर प्लीजंट परफार्मेंस की श्रेणी में रखा जाता है। इसके साथ ही होम आइसोलेशन को लेकर भी सर्वे किया गया। 11 से 17 अक्टूबर तक चले सर्वे में होम आइसोलेशन  को लेकर दुर्ग से 302 लोगों के फीडबैक लिये गए। सर्वे में होम आइसोलेशन के संबंध में भी फीडबैक लिया गया। इसमें रायपुर जिले का स्कोर 79 प्रतिशत रहा। दुर्ग जिले का स्कोर 70 फीसदी रहा और यह प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा। होम आइसोलेशन के सर्वे में डाक्टरों द्वारा की गई मानिटरिंग, दवाओं की नियमितता, स्वास्थ्य कर्मियों के संपर्क, फालोअप से संतुष्टि, कमरे में अलग शौचालय की मौजूदगी, नियमित रूप से पल्स आक्सीमीटर द्वारा चेक किया जाना आदि शामिल है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया गया सर्वे डेडिकेटेड कोविड हास्पिटल के लिया भी किया गया। डेडिकेटेड कोविड हास्पिटल में 86 प्रतिशत लोगों ने पाजिटिव फीडबैक दिया। इस संबंध में भी 85 प्रतिशत से अधिक पाजिटिव फीडबैक आने पर प्लीजंट परफार्मेंस की श्रेणी में रखा जाता है। उल्लेखनीय है कि थर्ड पार्टी सर्वे द्वारा लिया गया फीडबैक हर सप्ताह का होता है और अगले सप्ताह पुनः फीडबैक लिया जाता है। चूंकि फीडबैक में हेल्थ केयर, खानपान की व्यवस्था, मास्क तथा  सोशल डिस्टेंसिंग के प्रयोग तथा सैनिटाइजेशन जैसी चीजों पर बात होती है अतएव इस संबंध में काफी सारा फीडबैक एकत्रित हो जाता है,जिससे व्यवस्था को और अच्छा करने में मदद मिलती है। सर्वे में प्राइवेट हास्पिटल में चल रहे कोविड केयर की भी रैंकिंग की गई। पूरे प्रदेश में फीडबैक सर्वे के लिए लगभग दस हजार से अधिक लोगों के फीडबैक लिये गए जिसके आधार पर यह रैंकिंग तैयार हुई। उल्लेखनीय है कि दुर्ग जिले में कोविड केयर सेंटर की व्यवस्था बेहतर करने के लिए लगातार कदम उठाये गए। इसमें खानपान की गुणवत्ता से लेकर साफसफाई की गुणवत्ता को बेहतर करने के लिए लगातार मानिटरिंग की गई। मरीजों से फीडबैक लेने की व्यवस्था बनाई गई। उनके फीडबैक के आधार पर व्यवस्था को बेहतर करने में विशेष रूप से मदद मिली।

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