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मेला-मड़ई में कोविड 19 से बचाव के लिए जिला दण्डाधिकारी ने जारी किए निर्देश

वैभव चौधरी  | 24 Nov , 2020 05:31 PM
मेला-मड़ई में कोविड 19 से बचाव के लिए जिला दण्डाधिकारी ने जारी किए निर्देश

धमतरी। दीपावली त्यौहार के बाद ग्रामीण अंचलों में प्राचीन परम्परा अनुसार मेला/मड़ई का आयोजन किया जाता है। लाॅकडाउन खत्म होने के बाद कोविड 19 से बचाव के निर्देशों का सही ढंग से पालन नहीं करने के कारण कोरोना का संक्रमण बढ़ रहा है। कोरोना काल में भी मेला-मड़ई का आयोजन किया जाता है, तो उसके लिए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी जयप्रकाश मौर्य ने कोविड 19 से बचाव के मद्देनजर आवश्यक दिशा-निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए हैं। जारी निर्देशों के तहत मेला/मड़ई में बुजुर्ग व्यक्ति, गर्भवती माताएं, छोटे बच्चे, सर्दी-खांसी, बुखार, बीपी, शुगर एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति शामिल नहीं होगा। जिस गांव में मेला-मड़ई हो रहा है, उस गांव में अन्य गांव के व्यक्ति नहीं आए, यह प्रयास किया जाए, क्योंकि लापरवाही के कारण कोरोना संक्रमण फिर से बढ़ रहा है, किन्तु इसमें विवाद की स्थिति निर्मित नहीं हो तथा किसी की धार्मिक भावना आहत नहीं हो। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाए तथा मास्क लगाकर ही घर से बाहर निकलें।

अनुविभागीय दण्डाधिकारी की अध्यक्षता में मेला समिति बैठक आयोजित करेगी, जिसके बाद ही मेला की अनुमति परिस्थितियों एवं शर्तों के अधीन प्रदान की जाएगी। मेला-मड़ई स्थल में दो-तीन जगहों पर लाउडस्पीकर लगाया जाए, जिसमें कोविड 19 से बचाव के निर्देशों का उद्घोषणा किया जाए। जिस गांव में मेला/मड़ई हो रहा है, वहां स्वास्थ्य विभाग की टीम एंटीजन कीट तथा अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ उपस्थित रहेंगे और संबंधित थाना प्रभारी नियमित रूप से पेट्रोलिंग करेंगे। दुकानों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान दिया जाए,इसकी जवाबदारी गांव वालों तथा आयोजन समिति की होगी। मेला-मड़ई के बाद गांव में दवाई (सैनिटाइज) का छिड़काव किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए मेला-मड़ई का आयोजन प्रतीकात्मक रूप से किया जा सकता है,जिससे धार्मिक आस्था भी बनी रहे तथा अनावश्यक भीड़ से भी बचा जा सके। परम्परा अनुसार देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना करके भी मेला-मड़ई आयोजित किया जा सकता है, जिसमें अन्य व्यक्तियों (भीड़) की आवश्यकता नहीं होगी। कोविड 19 से बचाव के सभी शर्तों का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने दिए हैं।

 

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