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डीजीपी की 'आदर्श थाना' और 'आदर्श थाना प्रभारी' योजना कारगर साबित हो रही, राजधानी के कुछ थानों को सुधारना शेष

राहुल चौबे  | 28 Feb , 2021 06:17 PM
डीजीपी की 'आदर्श थाना' और 'आदर्श थाना प्रभारी' योजना कारगर साबित हो रही, राजधानी के कुछ थानों को सुधारना शेष

रायपुर। थानों में पहले आम जनता को पैर रखने में डर लगता था। किसी प्रकार की समस्या होने पर लोग अप्रोच की खोज करते थे। लेकिन छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग के मुखिया यानी डीजीपी डीएम अवस्थी ने प्रदेशभर के थानों को 'आदर्श थाना' बनाने की पहल की। 1 जुलाई से 'आदर्श थाना' और 'आदर्श थाना प्रभारी' योजना शुरू होने के बाद अब प्रदेश के कई थानों में सुधार देखा जा रहा है। बता दें कि डीजीपी अवस्थी ने सभी थाना प्रभारियों को कुछ मापदंडों के बारे में बताया था। साथ ही थानों में आमजन के साथ थाना प्रभारी और अन्य स्टाफ का व्यवहार कैसा होना चाहिए।

उन्होंने पीड़ित व्यक्ति, महिलाएं और बच्चे के साथ विनम्र होकर बात करने की सलाह दी थी। फरियादियों के साथ पुलिसकर्मी संवेदनशील व्यवहार रखें और उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान करें। उन्होंने गुंडे-बदमाशों और असामाजिक तत्वों के विरुद्ध पुलिस द्वारा कठोरतम कार्रवाई की जाए। अब प्रदेश के अधिकतम थानों में बदलाव देखने को मिल रहा है। लेकिन राजधानी के कुछ थाने अभी भी शेष है। सूत्रों की माने तो अभी भी फरियादियों से अच्छा व्यवहार नहीं किया जाता है।

 

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