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कोरोना ने छीना त्यौहारी व्यापार,व्यापारियों का 35 हजार करोड़ का नुकसान

रविशंकर शर्मा  | 29 Mar , 2021 09:48 PM
कोरोना ने छीना त्यौहारी व्यापार,व्यापारियों का 35 हजार करोड़ का नुकसान

रायपुर। कोरोना के तेजी से बढ़ते के कारण केंद्र सरकार और विभिन्न राज्य सरकारों के कोविड दिशानिर्देशों का असर व्यापार पर पड़ा है। सख्ती से लागू होने के कारण देश भर के राज्यों को होली और रंग पंचमी पर लगभग 35 हजार करोड़ रुपए के व्यापार का बड़ा नुकसान सहना पड़ा है। इस बार होली पर चीन को 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक के व्यापार का नुकसान जरूर सहना पड़ा है कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने यह बयान जारी किया है।
विभिन्न राज्यों के प्रमुख व्यापारी नेताओं से आज हुई बातचीत के आधार पर यह कहा जा सकता है कि होली और रंग पंचमी के पर्व पर देश भर में पिछले कुछ वर्षों में लगभग 50 हजार करोड़ रुपए का व्यापार होता है। जबकि इस साल कोविड के कारण देश भर के व्यापारियों को होली और रंग पंचमी के त्यौहार पर लगभग 35 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के व्यापार का जबरदस्त नुकसान हुआ है। दूसरी ओर हजारों करोड़ों रुपए के होली के सामान का स्टॉक बिना बिके अपने पास रखना पड़ रहा है। होली और रंग पंचमी का त्यौहार मूल रूप से उत्तर भारतीय राज्यों, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखण्ड, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल तथा उत्तर पूर्वी राज्यों में धूम धाम से मनाया जाता है। दक्षिण भारत में उगादी और रंग पंचमी के रूप में इस त्यौहार को बेहद उल्लास के साथ मनाया जाता है।
कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने कहा कि होली और रंग पंचमी पर विशेष तौर पर रंग, अबीर, गुलाल, गुब्बारे, प्लास्टिक के होली के खिलौने, पीतल और स्टेनलेस स्टील की पिचकारी, मिठाइयां, टेसू के फूल, अन्य अनेक प्रकार के फूल, फल, ड्राई फ्रूट, होली के लिए विशेष रूप से बने सस्ते कुर्ते पाजामे, टी शर्ट, होली की साड़ियां, अन्य खाने पीने के सामान, धूपबत्ती औरअगरबत्ती आदि का बड़ी मात्रा में व्यापार होता है। दूसरी ओर देश भर के विभिन्न राज्यों में लगभग डेढ लाख से अधिक होलिका बनाने के लिए कच्ची लकड़ी, कपूर, नारियल गोबर के उपले, कलावा, सूत आदि भी बड़ी मात्रा में ख़रीदा जाता है।

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