GLIBS

Video: कोरोना संकट: चंडी माता के दरबार में इस नवरात्रि नहीं होगी श्रद्धालुओं की भीड़...  

Video: कोरोना संकट: चंडी माता के दरबार में इस नवरात्रि नहीं होगी श्रद्धालुओं की भीड़...  

महासमुन्द। वैश्विक महामारी कोरोना के चलते इस वर्ष महासमुन्द जिले के बागबाहरा ब्लॉक के ग्राम घुंचापाली स्थित मां चंडी मंदिर दरबार में श्रद्धालुओं की भीड़ नहीं लगेगी। राज्य शासन और जिला प्रशासन के आदेशानुसार चंडी मंदिर के समिति प्रबंधन ने 17 अक्टूबर से शुरू होने वाले कुवार नवरात्रि के लिए मंदिर परिसर के आगे लगने वाले मेले के आयोजन को बंद कर दिया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश सहित अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालु इस वर्ष शायद ही माता चंड़ी के दर्शन कर पाएंगे। पिछले 7 महीने के लॉक डाउन और कोरोना के चलते श्रद्धालुओं का आना जाना यहां कम हो गया है और कई लोग बेरोजगार हो गये है। कोरोना के चलते लगातार मंदिर में श्रध्दालुओं की संख्या में कमी आई है। मंदिर परिसर में पहुंचने वाले भालू भी श्रद्धालुओं के ना पहुंचने से बड़े शांत हो गये है। माता चंडी मंदिर के खूबसूरती और तब बड़ जाती है जब यहां पहुंचने वाले भालू सैकड़ो के भीड़ में मंदिर परिसर में घूम-घूम कर श्रद्धालुओं के हाथ से प्रसाद खाते है। यह नाजारा देखने ही सैकड़ों लोग चंड़ी मंदिर पहुंचते थे। चंडी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष नीलकंठ चन्द्राकर ने जानकारी दी है कि इस वर्ष दूर दराज और अन्य प्रांत से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को यहां आने से मना करा दिया गया है ताकि मंदिर परिसर में भीड़ ना बड़े। मंदिर परिसर में इस वर्ष आसपास के जो श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचेगें उन्हें तभी माता के दर्शन करने का अवसर मिल सकेगा जब वह मास्क और सैनिटाइजर का उपयोग करेंगे। साथ ही मंदिर परिसर में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को सोशल डिस्टेंसिंग और फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा।

ट्रस्टी इस बात का ध्यान रखेगें के मंदिर में भीड़ ना हो। इसके लिए ट्रस्ट के कर्मचारी श्रद्धालुओं के मंदिर परिसर में पहुंचने तक और नियमों का पालन कराने के लिए ध्यान रखेंगे। मंदिर परिसर में हर साल की तरह इस वर्ष लाखों लोगों के लिए जो भंडारे की व्यवस्था की जा रही थी उस भंडारे को भी बंद कर दिया गया है। श्रद्धालुओं के रूकने के लिए जो स्थान है उसे भी बंद रखा जायेगा। इस वर्ष की नवरात्रि में माता के हवन पूजन और विशेष आरती में बाहर से आने वाले श्रद्धालु भाग नहीं ले सकेंगे। पूरे नवरात्रि तक माता की विधि विधान से पूजा अर्चना की जायेगी।  बागबाहरा के घुचापाली में स्थित मां चंडी पहाड़ो के बीच विराजमान है। यहां की सुन्दरता देखते ही बनती है। ऊंचे पहाड़ और यहां की हरयाली अति सुन्दर है। मां चंडी मंदिर पहुंचने से पहले इन पहाड़ों के बीच बने रास्ते से होकर आपको गुजरना होता है। चैत्र नवरात्रि में इस क्षेत्र में इतनी हरियाली होती है कि आसपास का नजारा श्रद्धालुओं को अपनी तरफ सम्मोहित करता है। पहाड़ों के ऊपर विराजमान मां चंडी की प्रतिमा लगभग साढ़े 27 फीट है। माता चंड़ी मंदिर में वैसे तो 12 माह श्रद्धालुओं का आना जाना लगा रहा है। नवरात्रि के वक्त यहां लाखों की तादात में लोग अपने परिवार सहित पहुंचते है। नवरात्रि के वक्त यहां भंडारा होता है इस भंडारे में रोजाना लगभग 10 से 12 हजार लोग भोजन करते है। इस भोजन कक्ष में लगभग एक साथ 12 सौ लोग भोजन कर सकते हैं। लेकिन इस भंडारे के आयोजन को इस वर्ष नहीं किया जा रहा है।

Author/Journalist owns and is responsible for views/news published and the publisher/printer is in no way liable for such content.