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नगरपालिक लाज मामले में कांग्रेस नेता के आरोप को कांग्रेसी पार्षदों ने ही दिखाया ठेंगा

कुशल चोपडा  | 12 Sep , 2019 03:35 PM
नगरपालिक लाज मामले में कांग्रेस नेता के आरोप को कांग्रेसी पार्षदों ने ही दिखाया ठेंगा

बीजापुर। पिछले कुछ दिनों से जिला मुख्यालय में बन रहे नगरपालिका लाज मामले को लेकर कांग्रेसी नेता अजयसिंह ने नगरपालिका के मुख्यकार्यपालन अधिकारी पर सांठगांठ का आरोप लगा के धरना करने की चेतावनी दी थी। अजय सिंह सहित कांग्रेस पार्षद पुरुषोत्तम सल्लुर ने आरोप लगाया था कि लाज को बिना पार्षदों की जानकारी के जबरन उक्त ठेकेदार को दिया गया है, जिसमें नियमों का पालन नहीं हुआ है। मामले को लेकर नगरपालिका मुख्यकार्यपालन अधिकारी पवन मेरिया के सामने वार्ड क्रमांक 7 के पार्षद सल्लुर 19 अगस्त की बैठक में रखा, जिस पर परिषद में अगली बैठक के दिन विस्तृत चर्चा करने की बात हुईं। उसके बाद 11 सितम्बर को पुनः नगरपालिका परिषद की बैठक हुई, जिसमें पार्षद पुरुषोत्तम सल्लुर ने लीज प्रक्रिया को गलत बताते हुए अनुबन्ध कैंसल करने के साथ दोबारा नीलामी करने की बात रखी, जिस अधिकारी द्वारा परिषद सदस्यों से चर्चा कर अनुमोदन कराया। इस पर 15 पार्षदों में से 14 पार्षदों ने अनुबन्ध को नियमतः एवं नगरपालिका के हित मे सही बता कर अपनी सहमति जताई।

नगरपालिका सीएमओ पवन मेरिया ने बताया कि जिला कार्यालय द्वारा पुराने बस स्टेंड के लाल बंगला को तुड़वाकर काम्प्लेक्स का निर्माण करा नगरपालिका को दिया, जो अभी निर्माणधीन है। उस पर कलेक्टर के निर्देशानुसार उस पर पालिका की आय बढ़ाने के लिए परिषद की बैठक 10 अप्रेल 2018 को कर 35 लाख की लागत में लाज बनाने का निर्णय लिया, जिसमें पूरी लागत नीलामी प्रक्रिया से ही करने की चर्चा हुई। इस पर बन्द लिफाफा नीलामी प्रक्रिया चालू की गई, जिसके लिए तीन अखबारों में निविदा प्रकशित की गई,जिस पर 9 लोगों ने आवेदन दिया। इसमें 3 लोगों ने ही नीलामी में हिस्सा लिया,जिसमें जय माँ वेंकटेश्वरी स्टील एंड फेबिरिकेशन की बोली सबसे ज्यादा होने पर उसके साथ 30 साल की लीज के लिए स्टाम्प अनुबन्ध किया गया।

इस अनुबन्ध के लिए पंजीयन व मुद्रक विभाग को स्टाम्प ड्यूटी भी नीलामीकर्ता ने जमा कराई। वही अभी निर्माण कार्य प्रगति पर है। इस दौरान नीलामी कर्ता ने अपनी पहली किस्त 17 लाख रुपये की समय पर जमा भी की गई, पालिका को इस लाज से जहां 35 लाख की राशि का फायदा हुआ वही 7200 रुपये प्रति माह किराया से 25 लाख 92 हजार की राशि भी मिलेगी। कांग्रेस नेता अजय सिंह के आरोप के बाद वापस नगरपालिका के परिषद में मामले को रखने पर पार्षदों ने एक बार फिर पालिका के निर्णय को हित में बताते हुए 15 पार्षदों में से 14 पार्षदों ने अपनी सहमति दी। इधर उक्त पालिका लाज को लेने वाले किरण रेड्डी ने बताया कि उन्होंने पूरी प्रक्रिया के साथ लाज का अनुबन्ध कराया है और जबरन राजनीति के चलते मामले को तूल दिया जा रहा है जबकी मेरा किसी भी पार्टी से कोई संबंध नहीं है।

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