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नामांतरण, बंटवारा के लंबित प्रकरणों का निबटारा तीन माह के भीतर पूर्ण करें :कलेक्टर

वैभव चौधरी  | 30 Jun , 2020 05:39 PM
नामांतरण, बंटवारा के लंबित प्रकरणों का निबटारा तीन माह के भीतर पूर्ण करें :कलेक्टर

धमतरी। कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य ने मंगलवार को राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए नए सिरे से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने नामांतरण, बंटवारा तथा पटवारी प्रतिवेदन के लंबित मामलों का निबटारा तीन माह के भीतर करने के लिए निर्देशित किया। साथ ही पटवारियों की कार्यशैली एवं गुणवत्ता का आंकलन करने के लिए रेड, यलो व ग्रीन कैटेगरी में दर्ज करने के लिए निर्देशित किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न राजस्व प्रकरणों पर सिलसिलेवार समीक्षा की। राजस्व अधिकारियों की मासिक समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने कहा कि आम जनता का राजस्व अधिकारियों से प्रत्यक्ष जुड़ाव होता है, इसलिए लोगों की समस्याओं के निराकरण में अनावश्यक विलम्ब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार व नायब तहसीलदार अपने प्रकरणों और उन्हें बेहतर ढंग से निष्पादित करने के लिए तत्पर रहें। जिस कार्य के लिए शासन ने उन्हें नियुक्त किया है, उसके प्रति सकारात्मक व पूर्ण जवाबदेही के साथ जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने फर्द बंटवारे के लंबित मामले में कहा कि पटवारी अपने हल्के के ग्राम पटेल, प्रमुख एवं दोनों पक्षों के तर्क व तथ्य सुनते हुए यथासंभव आपसी सहमति पर फोकस करें व निराकृत करें। कलेक्टर ने कहा कि नामांतरण प्रकरणों में किसी भी स्थिति में इश्तहार प्रकाशन के 14 दिनों के भीतर पटवारी प्रतिवेदन अनिवार्य रूप से प्राप्त कर लिया जाना चाहिए। यदि इस अवधि में भी प्रतिवेदन लंबित पाया जाता है, तो एक सप्ताह के भीतर स्मरण पत्र देकर जवाब मांगें। इसके बाद भी पटवारी द्वारा कोताही बरती जाती है, तो उसका वेतन रोकें अथवा उसके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करें। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि नामांतरण के पुराने प्रकरण आगामी तीन माह के भीतर तथा बंटवारे के प्रकरण छह माह तक हर हाल में निराकृत करें।

इसी तरह भुइयां प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि नामांतरण, बंटवारा के आदेश पारित होने के एक माह के अंदर आनलाइन रिकाॅर्ड अनिवार्य रूप से एंट्री अथवा अद्यतन किया जाए। उक्त समय अवधि में रिकाॅर्ड दुरूस्तीकरण की जिम्मेदारी तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार की होगी। कलेक्टर ने बैठक में पटवारियों के द्वारा प्रकरणों के संबंध में कार्य गुणवत्ता का आंकलन करने पर जोर देते हुए कहा कि पटवारियों की गुणवत्ता का आंकलन तीन स्तर पर किया जाएगा, जो कि विभिन्न बिन्दुओं पर आधारित होगा। कार्य निष्पादन क्षमता एवं समय-सीमा में निष्पादित करने को लेकर रेड, यलो तथा ग्रीन स्तर के आधार पर इंडिकेटर तैयार किया जाएगा। साथ ही हल्का दिवस में पटवारी को अनिवार्य रूप से अपने हल्के में रहकर राजस्व के प्रकरणों का स्थानीय स्तर पर निराकरण किया जाए। कलेक्टर ने बैठक में सीमांकन, गिरदावरी प्रतिवेदन, राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत पट्टा वितरण, नजूल पट्टा निर्माण, भूमि का बटांकन एवं नियमितिकरण, बाढ़ आपदा राहत तथा नियंत्रण सहित प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, आनलाइन पंजीयन, विवादित नामांतरण आदि की समीक्षा कर राजस्व अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत की सीईओ नम्रता गांधी, अपर कलेक्टर दिलीप अग्रवाल सहित तीनों अनुविभाग के अनुविभागीय अधिकारी, डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा राजस्व अधिकारी उपस्थित थे।

 

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