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गांव में कलेक्टर ने बिताई रात, जानी आदिवासी जीवन शैली

वैभव चौधरी  | 12 Feb , 2020 08:22 PM
गांव में कलेक्टर ने बिताई रात, जानी आदिवासी जीवन शैली

धमतरी। नगरी विकासखण्ड में पर्यटन की दृष्टिकोण से तेजी से विकसित हो रहे ग्राम जबर्रा में कलेक्टर रजत बंसल ने मंगलवार को पूरी रात इस ग्राम में बिताकर ग्रामीण आजीविका और जीवन शैली को निकटता से अनुभव किया। उन्होंने लगभग 24 घण्टे ग्रामीणों के बीच बिताए। यहां निवासरत गोंड जनजाति के युवक राजकुमार के घर पर उन्होंने न सिर्फ पूरी रात बिताई, बल्कि उनके घर भोजन भी किया तथा आदिवासी संस्कृति सहित ग्रामीण परिवेश को नजदीक से जाना व परखा। साथ ही जबर्रा क्षेत्र में स्वीकृत एवं निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण कर समीक्षा कर मुआयना किया।

कलेक्टर रजत बंसल मंगलवार की शाम अचानक ग्राम जबर्रा पहुंचे, जहां पर उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। इसी बीच कलेक्टर ने जबर्रा में ही रात्रि विश्राम की मंशा जाहिर की। यह सुन ग्रामीणों ने आश्चर्य मिश्रित प्रसन्नता जाहिर की।   इस दौरान देर रात तक कलेक्टर ग्रामीणों के बीच घिरे रहे। उन्होंने ग्रामीणों से उनकी प्रमुख मांगें पूछी, जिस पर ग्रामीणों ने जबर्रा से चारगांव मार्ग और जबर्रा से मारागांव पहुंच मार्ग विकसित करने की बात कही। इस पर कलेक्टर ने बताया कि ग्रामीणों के आवागमन की सुविधा को दृष्टिगत करते हुए उक्त मार्गों के निर्माण की स्वीकृति शासन से मिल चुकी है, जल्द ही उक्त मार्गों पर निर्माण कार्य प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत प्रारम्भ किया जाएगा।

इस दौरान उन्होंने बताया कि जल्द ही जबर्रा पर्यटन का गठन किया जाएगा, जिसमें सैलानियों के ठहरने, भोजन और विभिन्न पर्यटन संबंधी गतिविधियों की दर निर्धारित की जाएगी। इसके अलावा आय-व्यय की जानकारी का पंजी संधारण किया जाएगा। इसके साथ ही आगामी 15 फरवरी को ग्रामसभा आयोजित की जाएगी, जिसमें इससे संबंधित निर्णय लिए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के दुगली प्रवास के दौरान ग्राम जबर्रा में ईको-टुरिज्म स्थापित करने की घोषणा की गई थी, जिसे अमलीजामा पहनाते हुए कलेक्टर ने नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी प्रोजेक्ट के अंतर्गत विभिन्न निर्माण कार्यों को मंजूरी दी है।

ग्रामीणों ने बताया कि जबर्रा में अब तक एक हजार से अधिक देश-विदेश के सैलानी प्रवास कर चुके हैं। कलेक्टर ने कहा कि जबर्रा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं तथा इसे और अधिक बढ़ावा देने युद्ध स्तर पर कवायद की जा रही है। कलेक्टर ने आज दोपहर दुगली में शहद प्रसंस्करण इकाई का मुआयना किया तथा इसके उपरांत मगरलोड विकासखण्ड के ग्राम सोनझरी और भण्डारवाडी के बीच स्थित झाबीपथरा नाला में कैम्पा मद से किए जा रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उनके साथ डीएफओ अमिताभ बाजपेयी, जिला पंचायत की सीईओ नम्रता गांधी, निगम आयुक्त आशीष टिकरिहा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता आरके गर्ग, कार्यपालन अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा जेएल ध्रुव, जिला पंचायत के एपीओ धरम सिंह भी मौजूद थे।

इस दौरान बताया गया कि ग्राम जबर्रा में पर्यटन बोर्ड की ओर से स्ट्रीट लाईट लगाई जाएंगी, जिसके लिए 14 लाख रूपए की स्वीकृति मिल चुकी है। इसी तरह जबर्रा में गौठान निर्माण के लिए जिला पंचायत द्वारा पांच लाख रूपए की स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा नरवा प्रोजेक्ट के तहत विभिन्न तटबंध, स्टाॅपडेम एवं पहुंचमार्ग के लिए वन विभाग के कैम्पा मद से 50 लाख रूपए की स्वीकृति शासन से प्राप्त हो चुकी है। ग्राम के जंगलों में औषधीय पौधों के प्लांटेशन के लिए 10 लाख रूपए मनरेगा मद से मंजूर किए गए हैं। इसी तरह होम स्टे के उपकरण के लिए पर्यटन बोर्ड द्वारा तीन लाख रूपए की भी स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अलावा विभिन्न विभागों के द्वारा ग्रामीणों की आजीविका के लिए कृषि विभाग द्वारा रागी एवं मक्का बीज वितरित किए जा चुके हैं। साथ ही उद्यानिकी एवं मछलीपालन विभाग द्वारा विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन ग्राम जबर्रा में किया जा रहा है। इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय मरम्मत एवं निर्माण के लिए चार लाख रूपए की राशि स्वीकृत की गई है।

 

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