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कलेक्टर ने कहा, अवैध प्लाटिंग की शिकायतों पर करें त्वरित कार्यवाही, ग्रामिणों की समस्याओं का जल्द हो निराकरण

सुभाष रतनपाल  | 30 Dec , 2020 11:12 AM
कलेक्टर ने कहा, अवैध प्लाटिंग की शिकायतों पर करें त्वरित कार्यवाही, ग्रामिणों की समस्याओं का जल्द हो निराकरण

जगदलपुर। कलेक्टर रजत बंसल ने अवैध प्लाटिंग की शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अवैध प्लाटिंग की शिकायतों के लिए जिला कार्यालय में 07782.223122 दूरभाष क्रमांक स्थापित किया गया है। जिला कार्यालय के प्रेरणा कक्ष में समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर बंसल ने जिले में संचालित विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने जिले में अवैध धान के परिवहन पर अंकुश रखने के लिए सभी अधिकारियों को सजगता के साथ तैनात रहने के निर्देश दिए। उन्होंने सोमवार को जांच नाकों के निरीक्षण के दौरान कुछ कर्मचारियों के लापरवाही भरे रवैये पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए अनुशासनात्मक कार्यवाही के निर्देश दिए। कलेक्टर ने ‘मनवा नवा नार’ के तहत चयनित ग्रामों को आदर्श ग्राम बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि इन गांवों से प्राप्त मांग, समस्या एवं शिकायतों का निराकरण प्राथमिकता के साथ किया जाए।

कलेक्टर ने जिला रेडक्रॉस सोसायटी को मिले राज्यपाल पुरस्कार को कार्यकर्ताओं को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि लॉक डाउन की अवधि में रेडक्रॉस सोसायटी ने पूरे समर्पण के साथ मानव सेवा का कार्य किया। उन्होंने श्रेष्ठ अधिकारी के तौर पर पुरस्कृत जिला रेडक्रॉस सोसायटी के उपाध्यक्ष एलेक्जेंडर एम चेरियन, राज्य स्तर पर बेस्ट वालिंटियर के तौर पर पुरस्कृत डॉ. देवकांत चतुर्वेदी और जिला स्तर पर बेस्ट वालिंटियर के तौर पर पुरस्कृत हरेन्द्र पाणीग्राही सहित सभी कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं देते हुए मानव सेवा के लिए निरंतर समर्पण की इसी भावना के साथ कार्य करने की अपील की। उन्होंने गुहार एप, जनचौपाल में प्राप्त आवेदनों के साथ समय-सीमा के प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की। इसके साथ ही राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन के लिए गठित कार्यकारिणी समिति की बैठक स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए कलेक्टर रजत बंसल ने कहा कि खनन क्षेत्र, झुग्गी-झोपड़ी और श्रमिक बाहुल्य क्षेत्रों में क्षयरोग की संभावना अधिक होती है। इसलिए इन क्षेत्रों में अधिक से अधिक लोगों की जांच करने की आवश्यकता है। क्षयरोग पाए गए लोगों का उपचार तभी संभव है, जब वे दवा की पूरी खुराक लें। इसके लिए निरंतर रोगियों को निरंतर प्रोत्साहित करें। क्षय रोग की संभावना वाले क्षेत्रों में शिविर लगाकर रोगियों की पहचान करें, जिससे उनकी शीघ्र पहचान हो और इसके संक्रमण की संभावना न रहे।

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