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मुख्यमंत्री ने डीएमएफ के मूल नियम में किये गये संशोधनों के संकलन का किया विमोचन 

ग्लिब्स टीम  | 03 Nov , 2019 09:03 PM
मुख्यमंत्री ने डीएमएफ के मूल नियम में किये गये संशोधनों के संकलन का किया विमोचन 

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने डीएमएफ के मूल नियम में अब तक किए गए संशोधनों के संकलन का विमोचन राज्योत्सव के दौरान खनिज विभाग के स्टॉल के निरीक्षण के दौरान किया। राज्योत्सव के अंतर्गत आयोजित प्रदर्शनी में खनिज संसाधन विभाग छत्तीसगढ़ के स्टॉल में सभी वर्ग के लोगों की अपार भीड़ उमड़ रही है। खनिज संसाधन विभाग की प्रदर्शनी में विभाग की गतिविधियों, उपलब्धियों तथा खनिज नमूनों को आकर्षक तरीके से प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तथा अन्य वरिष्ठ मंत्रीगणों द्वारा पैवेलियन का भ्रमण किया गया तथा प्रदर्शनी की सराहना की। डीएमएफ के नियम के नवीन संशोधन 14 अगस्त 2019 को राज्य शासन द्वारा किया गया है। मूल नियम मे अब तक किये गये संशोधन का संकलन कर इसका विमोचन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, वरिष्ठ मंत्रीगणों एवं विभागीय विशेष सचिव की गरिमामयी उपस्थिति मे खनिज विभाग के स्टाल मे किया गया। छत्तीसगढ़ में खनिजों के प्रचूर भण्डार है, जो राज्य के विकास की धुरी है। इस राज्य में अनेक महत्वपूर्ण खनिज आधारित वृहत उद्योग कार्यशील है और खनिज आधारित उद्योगों को अपार संभावनाएं है। खनिज आधारित उद्योगों की स्थापना तथा परिचालन के लिए आवश्यक मूलभूत संभावनाएं भी प्रदेश में उपलब्ध है। प्रदेश में प्रमुख रूप से कोयला, लौह अयस्क, चूना पत्थर, डोलोमाइट, बाक्साइट, टिन अयस्क, हीरा एवं स्वर्ण है। इनके अलावा भी विभिन्न औद्योगिक महत्व के खनिज, जेमस्टोन तथा भवन निर्माण हेतु उपयोगी खनिज प्रचूर मात्रा में उपलब्ध है। 
राज्य में देश का लगभग 19.6 प्रतिशत लौह अयस्क (4031 मिलियन टन), 18 प्रतिशत कोयला (54912 मिलियन टन), तथा 8959 मिलियन टन चूना पत्थर के भण्डार उपलब्ध हैं। देश का 11 प्रतिशत सीमेंट छत्तीसगढ़ में उत्पादित होता है। देश को 13 प्रतिशत बिजली की आपूर्ति छत्तीसगढ़ से होती है। देश के कुल खनिज उत्पादन मेें छत्तीसगढ़ 16 प्रतिशत का योगदान देता है। छत्तीसगढ़ राज्य में गौण खनिज रेत से संबंधित नियमों में संशोधन कर नवीन नियम ‘छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम, 2019‘ बनाया गया है। जिसके तहत नीलामी (रिवर्स ऑक्शन) प्रक्रिया के द्वारा पारदर्शिता के साथ रेत खदानों का आबंटन किया जा रहा हैं। प्रथम चरण में नवीन नियम के तहत प्रदेश स्तर पर 168 रेत खदानों हेतु एनआईटी जारी कर रेत खदान आबंटन हेतु खुली निविदा पारदर्शी तरीके से किया जाकर 02 वर्षाें हेतु खदान आबंटन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। 
     
 

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