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अमेजन और फ्लिपकार्ट के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में सीसीआई की अपील वाजिब : कैट

रविशंकर शर्मा  | 06 Oct , 2020 09:36 PM
अमेजन और फ्लिपकार्ट के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में सीसीआई की अपील वाजिब : कैट

रायपुर। कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने भारत के प्रतिस्पर्धा आयोग की ओर से सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर कर कर्नाटक हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश,जो दिल्ली व्यापार महासंघ की याचिका पर दिया गया था, को चुनौती दी है। कैट के प्रदेश पदाधिकारियों ने संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि कर्नाटक हाई कोर्ट ने सीसीआई को अमेजन और फ्लिपकार्ट के खिलाफ जांच करने के लिए प्रतिबंधित करने का अंतरिम आदेश दिया था। कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने कहा है कि सीसीआई की अपील अमेजन और फ्लिपकार्ट दोनों को कानून के भीतर व्यापार करने के लिए बेहद तार्किक और बहुप्रतीक्षित कदम है। क्योंकि ये कंपनियां गत अनेक वर्षों से ई कॉमर्स व्यापार में अपने मनमाने तरीके, जिसमें लागत से कम मूल्य निर्धारण,गहरे डिस्काउंट, ब्रांड्स के साथ विशेष व्यवस्था और इन्वेंट्री पर अपना नियंत्रण रखना आदि कुप्रथाएं को जारी रखे हुए हैं।

कैट पिछले दो साल से अधिक समय से अमेजन और वॉलमार्ट दोनों के खिलाफ अभियान देश भर में चलाए हुए है। पारवानी ने कहा कि जल्द ही कैट आगामी त्यौहारी सीजन में इन कंपनियों के किसी भी प्रकार की फेस्टिवल सेल पर प्रतिबंध लगाने के लिए सरकार को अपना प्रतिवेदन देगी। पारवानी ने कहा कि शीर्ष न्यायालय निश्चित रूप से सीसीआई की याचिका का संज्ञान लेगा कि दोनों कंपनियों के खिलाफ जांच क्यों जरूरी है। दूसरी ओर सरकार को भारत में ई-कॉमर्स कारोबार को विनियमित करने और निगरानी के लिए एक रेगुलेटरी अथॉरिटी सहित ई कॉमर्स नीति की तुरंत घोषणा करनी चाहिए। जो अमेजन और फ्लिपकार्ट ने भारतीय ई कॉमर्स बाजार को बेहद विषाक्त कर दिया है। अब यह सही समय है जब इन कंपनियों के व्यावसायिक व्यवहारों को कानून के अंतर्गत लाना बेहद जरूरी है। अगर अभी भी वे एफडीआई नीति का उल्लंघन करते पाए जाते हैं तो उन्हें भारत छोड़ने के लिए कहा जाना चाहिए। ये कंपनियां आर्थिक आतंकवादी हैं। ईस्ट इंडिया कंपनी का दूसरा संस्करण हैं। सरकार को केवल मूकदर्शक नहीं बनना चाहिए, बल्कि कानून के आधार पर अपनी अथॉरिटी का इस्तेमाल करना चाहिए।

 

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