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कैट का प्रतिनिधिमंडल मंत्री रविन्द्र चौबे से मिला,उद्योगों और व्यापार को मंडी शुल्क में राहत देने सौंपा ज्ञापन

रविशंकर शर्मा  | 21 Oct , 2020 07:51 PM
कैट का प्रतिनिधिमंडल मंत्री रविन्द्र चौबे से मिला,उद्योगों और व्यापार को मंडी शुल्क में राहत देने सौंपा ज्ञापन

रायपुर। कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) सीजी चैप्टर के एक प्रतिनिधि मंडल ने बुधवार को प्रदेश के कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे से मुलाकात की। कृषि पर आधारित उद्योगों और व्यापार को मंडी शुल्क में राहत देने के लिए ज्ञापन सौंपा। कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे को अवगत कराया कि प्रदेश के अधिकतर उद्योग कृषि उपज पर आधारित है। प्रदेश में दाल और पोहा के लगभग 500 उद्योग इकाईयां स्थापित है। इसमें लगभग 40000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त होता है। इन उद्योगों के उत्पादन का लगभग 90 प्रतिशत भाग अन्य राज्यों को निर्यात होता है। इससे संबंधित उद्योगों को राहत देने के लिए मंडी शुल्क संबंधी कुछ बिंदुओं पर छत्तीसगढ़ शासन की ओर से प्रयास किया जा सकता है।पारवानी ने कहा कि वर्तमान में पोहा और दाल उद्योग पर 1 प्रतिशत की दर से मंडी शुल्क देय है।

इसे पूर्णत: मंडी शुल्क मुक्त किया जाना चाहिए। इससे की इन उद्योगों का बड़ा आर्थिक संबल मिलेगा। प्रसंस्कृत उपज के विक्रय पर किसी भी राज्य में अनुज्ञा पत्र की अनिवार्यता नहीं है, केवल छत्तीसगढ़ राज्य में ही प्रसंस्कृत उपज विक्रय पर अनुज्ञा पत्र जारी करने की अनिवार्यता है। इसे समाप्त कर दिया जाना चाहिए।  अन्य राज्यों से आयातित कृषि उपज पर छत्तीसगढ राज्य में भी मंडी शुल्क में छुट मिलती है। परन्तु  शासन द्वारा मंडी शुल्क छूट में नवीनीकृत किया जाता है। मंडी शुल्क में छूट को स्थायी रूप से लागू किया जाना चाहिए। छत्तीसगढ़ की प्रत्येक कृषि उपज मंडी में किसान को अपनी उपज मंडी  प्रांगण के बाहर बेचने के लिए सौदा पत्रक की व्यवस्था लागू है। मगर प्रदेश के कुछ कृषि उपज मंडियां जैसे कि भाटापारा में किसान के इस अधिकार को लागू नहीं किया जाता है। इस पर संज्ञान लेते हुए सौदा पत्रक की व्यवस्था कृषि उपज मंडी में लागू किया जाना चाहिए। मंत्री रविन्द्र चौबे ने ज्ञापन का ध्यानपूर्वक अध्ययन कर प्रतिनिधी मंडल को सकारात्मक आश्वासन दिया है। मुलाकात करने कैट के प्रतिनिधिमंडल में अमर पारवानी के साथ राम मंधान और नरेन्द्र कुमार दुग्गड आदि पहुंचे थे।

 

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