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कोरोना से मृत आनंद राम के परिवार का सहारा बनी भूपेश सरकार, चंदा सिंह ने माना आभार

रविशंकर शर्मा  | 29 Jul , 2021 11:47 AM
कोरोना से मृत आनंद राम के परिवार का सहारा बनी भूपेश सरकार, चंदा सिंह ने माना आभार

रायपुर। कोरोना ने कई परिवारों से उनके एक मात्र कमाने वाले सदस्य को छीन लिया। उन परिवारों के सामने रोजी-रोटी के साथ बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, उनका भविष्य जैसी कई समस्याएं सामने आने लगीं। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार पीड़ित परिवारों का सहारा बन कर उनकी परेशानियां दूर कर रही है। इन्हीं परिवारों में से एक सूरजपुर जिले के रामानुजनगर विकासखंड के ग्राम पंचायत मदनपुर के स्व. आनंद राम का परिवार है। परिवार एक मात्र कमाने वाले सदस्य स्व. आनंद राम की मृत्यु कोरोना से हो जाने के बाद उनका परिवार आर्थिक परेशानियों से गुजर रहा था। ऐसे में राज्य सरकार ने परिवार का सहारा बनकर उन्हें श्रम विभाग की ओर से मुख्यमंत्री असंगठित कर्मकार मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजनांतर्गत एक लाख रुपए, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की ओर से श्रद्धांजलि योजनांतर्गत 2 हजार रुपए., समाज कल्याण विभाग की ओर से परिवार सहायता योजनांतर्गत 20 हजार रुपए, इस प्रकार कुल 1 लाख 22 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।

 

स्व. आनंद राम की पत्नी चंदा सिंह को अंशकालीन स्वीपर पद अनुकंपा नियुक्ति और उनके दोनों बच्चों को महतारी दुलार योजना के तहत शासकीय स्वामी आत्मानन्द इंग्लिश मिडियम स्कूल, भूनेश्वरपुर में निशुल्क शिक्षा दी जा रही है। चंदा ने बताया कि उनके परिवार में पति आनंद राम और दो बच्चे थे। आनंद राम शाउमा विद्यालय मदनपुर में अंशकालीन स्वीपर के पद पर कार्यरत थे। अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए कृषि कार्य भी करते थे। पिछले दो वर्षों से उनके पति कैंसर बीमारी से जूझ रहे थे। उनका उपचार डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति अस्पताल, रायपुर में चल रहा था। उपचार के दौरान आनंद राम कोरोना से पीड़ित हो गए और दुर्भाग्यवश 16 अप्रैल को उनका निधन हो गया। आनंद राम के निधन होने के बाद उनके परिवार को आर्थिक तंगी और कठनाईयों का सामना करना पड़ रहा था। कोरोना से मृत व्यक्तियों के परिवारजनों की सहायता के लिए कराए गए सर्वे में उनके परिवार को चिन्हांकित किया गया। इसके बाद उनकी परेशानियां हल हो गई। चंदा सिंह कहती हैं कि उन्हें अनुकंपा नियुक्ति मिलने और दोनों बच्चों को शासकीय स्वामी आत्मानन्द इंग्लिश मिडियम स्कूल निशुल्क शिक्षण के लिए प्रवेश मिल जाने से उनकी बहुत बड़ी चिंता दूर हो गई है। विभागों से प्राप्त राशि से पति के उपचार लिए लिया गया कर्ज चुकाया गया। दोनों बच्चों के भविष्य को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से बैंक में 25-25 हजार रुपए जमा किया गया है। चंदा ने उनके कठिन समय में सहारा बनने के लिए राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया है।

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