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आदिवासियों को नक्सली हिंसा से बचाने के लिए बस्तर पुलिस है : सुंदरराज पी

राहुल चौबे  | 07 Oct , 2020 11:43 AM
आदिवासियों को नक्सली हिंसा से बचाने के लिए बस्तर पुलिस है : सुंदरराज पी

रायपुर/जगदलपुर। नक्सलियों की पश्चिम बस्तर डिवीजन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति पर  आईजी सुंदरराज पी. ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के बाद 1769 निर्दोष आदिवासी ग्रामीणों की हत्या करने वाले नक्सलियों संगठन को आदिवासियों के ऊपर अत्याचार का बात करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। जनविरोधी हरकतों के कारण से आपसी मतभेद एवं एक-दूसरे की हत्या करने वाले नक्सली संगठन के खात्मा की झलक नजर आ रही है।


आईजी ने कहा कि नक्सलियों की दिग्भ्रमित एवं गुमराह प्रचार-प्रसार के जाल में नहीं फंसेगी। बस्तर की जनता निर्दोष आदिवासी ग्रामीणों की नक्सलियों की ओर से की गई हत्याओं का चौतरफा विरोध को देखते हुए पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी के डरपोक सचिव पापाराव अपना नाम बदलकर मोहन के नाम से जारी किया। बेबुनियाद एवं झूठा प्रेस विज्ञप्ति जारी किया है। उन्होंने कहा कि नक्सलियों के इस मनगढंत एवं निराधार प्रेस विज्ञप्ति में बस्तर क्षेत्र के मूल वासियों के जानमाल की रक्षा करना सुरक्षा बल एवं पुलिस की प्राथमिकता है। इस जिम्मेदारी को निभाते हुए नक्सली हिंसा से बस्तर के आदिवासियों की रक्षा करने के लिए बस्तर पुलिस संकल्पित।

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