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अयोध्या मामला : राजधानी में भी सुप्रीम कोर्ट का फैसला सर्वमान्य

हर्षित शर्मा  | 09 Nov , 2019 04:32 PM
अयोध्या मामला : राजधानी में भी सुप्रीम कोर्ट का फैसला सर्वमान्य

रायपुर। वर्षों पुराने अयोध्या मंदिर-मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। इस स्थान को लेकर विवाद था उसका हक राम जन्मभूमि न्यास को दिया गया है। वहीं सुन्नी वक्फ बोर्ड के लिए 5 एकड़ जमीन वैकल्पिक जमीन देने का फैसला सुनाया गया है। इसके पूर्व सुको ने शिया वक्फ बोर्ड और निर्मोही अखाड़ा के दावों को खारिज कर दिया। सबसे बड़ी बात यह रही कि सुप्रीम कोर्ट ने सर्वसम्म्ति से यह फैसला दिया है। हालांकि सुन्नी वक्फ बोर्ड आगे पुनर्विचार याचिका दाखिल कर सकती है। सुप्रीम कोर्ट के फैसला सभी को मान्य है। वहीं देशभर से इस फैसले के बाद विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। दोनों पक्षों की ओर से फैसले का स्वागत कर शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित श्रीराम मंदिर में फैसले के बाद से हर्ष का माहौल रहा। मंदिर के प्रधान पुजारी हनुमंतलाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से भारत के संविधान के प्रति लोगों का विश्वास और दृढ़ हुआ है। फैसले को लेकर मन उत्साह और भय भी था। लेकिन भगवान के प्रति विश्वास था कि भगवान राम के लिए विगत 500 वर्षों से पूरे हिन्दू समाज के द्वारा संघर्ष चला है। सभी ने भगवान राम के मंदिर बनने के लिए स्वप्न देखा है,जिसके साकार होने का विश्वास था। भगवान से प्रार्थना थी कि जिस प्रकार आप ननिहाल में विराजमान हैं उसी प्रकार अयोध्या में भी विराजीत हों।

 

श्रीराम मंदिर रायपुर के पदाधिकारी मनोज गोयल ने कहा कि देश और विदेश में समाज के लोगों में उल्लास है कि भगवान श्रीराम पुन: पधार रहे हैं। आज रायपुर स्थित मंदिर में 51 हजार दियो के साथ भगवान का स्वागत किया जाएगा।


प्रभा दुबे ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान है। आज रामलला के पक्ष में फैसला आया है वह अच्छी बात है। अन्य जो समुदाय के संबंध में फैसला है वह भी स्वागत योग्य है। सभी की भावनाओं का सम्मान होना चाहिए किसी की भावना का अपमान नहीं होना चाहिए।

छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलाम रिजवी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने दस्तावेजों के पर फैसला दिया है तो उसे मानना पड़ेगा। साथ ही मस्जिद के लिए 5 एकड़ जमीन दी जा रही है उसका भी स्वागत है। वहीं सुन्नी वक्फ बोर्ड इस मसले पर कोर्ट गया था, सुन्नी वक्फ बोर्ड ही वहां की स्थिति को अच्छे से समझता है। सुन्नी वक्फ बोर्ड वहां का जो फैसला लेगा उसे भी हमें मानना पड़ेगा।

 

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