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आशा देवी ने कहा- आखिरकार तुम्हें इंसाफ मिला, रविशंकर बोले- काश यह पहले हो जाता

रविशंकर शर्मा  | 20 Mar , 2020 01:30 PM
आशा देवी ने कहा- आखिरकार तुम्हें इंसाफ मिला, रविशंकर बोले- काश यह पहले हो जाता

रायपुर/नई दिल्ली। निर्भया के गुनहगारों को फांसी होने के बाद मां आशा देवी ने कहा कि बेटी इस दुनिया में नहीं है और नहीं वापस लौटेगी। उसके जाने के बाद यह लड़ाई, यह संघर्ष उसके लिए था लेकिन हम अपनी और बेटियों के लिए यह लड़ाई जारी रखेंगे। मैंने अपनी बेटी की तस्वीर गले से लगाई और कहा- आखिरकार तुम्हें इंसाफ मिल गया। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सभी दोषी जिन्होंने विभत्स अपराध किए उन्हें मौत की सजा मिली। काश ये पहले ही हो जाता। आज वो दिन भी है जो दिखाता है कि कैसे कुछ लोग जिन्हें फांसी की सजा मिली उन्होंने कैसे न्याय व्यवस्था को सात साल तक अपने हक में इस्तेमाल कर न्याय में सात साल की देरी कराई। केंद्रीय गृहराज्य मंत्री किशन रेड्डी ने कहा कि आईपीसी और सीआरपीसी की सभी खामियां इस केस में खुलकर सामने आ गई हैं। ऐसे मामलों में त्वरित सजा मिलनी चाहिए, इसलिए सरकार आईपीसी और सीआरपीसी में बदलाव लाना चाहती है।

स्मृति ईरानी ने कहा कि न्याय में देरी हुई लेकिन अंत में इंसाफ हुआ। यह उन सभी लोगों के लिए संदेश है जो महिलाओं पर अत्याचार करते हैं और सजा से बच जाते हैं। बता दें कि निर्भया के गुनहगार आखिरकार सात साल, तीन महीने और तीन दिन बाद सजा पाए। चारों दोषियों को शुक्रवार तड़के 5:30 बजे तिहाड़ जेल में फांसी दी गई। 2012 में दिल्ली में हुए निर्भया गैंगरेप केस में करीब सवा सात साल के बाद इंसाफ हुआ है। निर्भया के चारों दोषियों विनय, अक्षय, मुकेश और पवन गुप्ता को एक साथ फांसी के फंदे पर लटकाया गया। सात साल 3 महीने और तीन दिन पहले 16 दिसंबर 2012 को देश की राजधानी में हुई इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।

दोषियों को फांसी दिए जाने के बाद लोगों ने तिहाड़ के बाहर मिठाई भी बांटी। इधर निर्भया के चारों दोषियों की ओर से आखिरी वक्त तक फांसी को टालने की कोशिश की गई।  उनके वकील एपी सिंह ने दिल्ली हाईकोर्ट में डेथ वारंट को टालने के लिए याचिका लगाई, देर रात फिर सुनवाई हुई लेकिन कोई दलील काम नहीं आई और खारिज हुई और दोषियों के खिलाफ फैसला आया। आधी रात ढाई बजे दोषियों के वकील एपी सिंह ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन यहां भी एक दलील नहीं चली और सुप्रीम कोर्ट ने दोषियों के खिलाफ फांसी देने का फैसला सुनाया। इस बीच तिहाड़ जेल में पूरी तैयारी कर ली गई और निर्भया के गुनहगार फांसी पर ठीक साढ़े 5 बजे लटका दिए गए। बौखलाए वकील एपी सिंह ने लगातार फांसी को गलत बताते हुए मीडिया-अदालत और राजनीति पर जमकर आरोप लगाया।

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