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धमतरी जिले का एक और शेर हुआ वीरगति को प्राप्त, कैलाश नक्सलियों से जाबांजी से लड़ते हुए हुआ शहीद

वैभव चौधरी  | 09 Oct , 2019 09:18 PM
धमतरी जिले का एक और शेर हुआ वीरगति को प्राप्त, कैलाश नक्सलियों से जाबांजी से लड़ते हुए हुआ शहीद

धमतरी। धमतरी जिला निवासी कैलाश नेताम दंतेवाड़ा के कटेकल्याण में हुए नक्सली मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हो गए। शहीद कैलाश जिले के केरेगांव थाना क्षेत्र के छिंदभर्री गांव का निवासी था। तीन माह पहले ही कैलाश को डीआरजी टीम में लिया गया था। शहीद कैलाश की पोस्टिंग दंतेवाड़ा में ही थी। 8 अक्टूबर को वह अपनी पहली सर्चिंग में निकला था। तभी डीआरजी और नक्सलियों मुठभेड़ हो गई। नक्सलियों से जांबाजी से लड़ते हुए कैलाश वीरगति को प्राप्त हो गया। 9 अक्टूबर की शाम उनका पार्थिव शरीर उनके गृह ग्राम छिंदभर्री  लाया गया। जहां गार्ड ऑफ ऑनर देकर उनका अंतिम संस्कार किया गया। कैलाश के परिवार में पत्नी दो बेटियां, भाई और मां बाप है। कैलाश की चिता को उनकी बड़ी बेटी ने मुखाग्नि दी। कैलाश की शहादत पर एक तरफ  उनके परिवार को और पूरे गाव को दुख है तो वहीं फक्र भी है। अंतिम संस्कार के दौरान नगरी एसडीओपी मौजूद रहे। वहीं दूसरी ओर जवान की शहादत को लेकर जिस तरह की परिस्थिति बनीं उनके लिए जनआक्रोश भी उभरकर सामने आया। कटेकल्याण के पिटेडब्बा के पास हुई नक्सली मुठभेड़ में जिस जवान की मौत की शुरुआती वजह पुलिस के आला अधिकारियों ने हार्टअटैक बताई गई थी। देर शाम होते-होते पुलिस ने चिकित्सकों के हवाले से बताया कि जवान की मौत गोली लगने से हुई है। चिकित्सकों की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दंतेवाड़ा एसपी अभिषेक पल्लव ने कहा कि गोली जांघ की हड्डी से टकराई और उसकी दिशा घूम गई और अंदर ही अंदर किडनी, लीवर और हार्ट को भेदते हुए कंधे पर फंस गई। इसका खुलासा एक्सरे से हुआ। बताया गया है कि गोली जिस जगह पर लगी वहां से खून का रिसाव नहीं हुआ और जवान कैलाश नेताम सीने पर हाथ रखकर दर्द की बात बताते हुए अचेत हो गया। 

 

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