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घर-घर जाकर उचित खानपान का महत्व समझा रही है आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, किशोरी बालिकाओं व गर्भवती महिलाओं को

यामिनी दुबे  | 16 Sep , 2020 08:17 PM
घर-घर जाकर उचित खानपान का महत्व समझा रही है आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, किशोरी बालिकाओं व गर्भवती महिलाओं को

रायपुर। प्रदेश में बीते 1 सितंबर से पोषण माह मनाया जा रहा है। 30 सितंबर तक चलने वाले इस पोषण माह के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जनसामान्य के लिए विभिन्न प्रकार के जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से घर-घर जाकर किशोरी बालिकाओं,गर्भवती महिलाओं को उचित खान-पान का महत्व समझाया जा रहा है। इस दौरान पौष्टिक पदार्थों से रंगोली,वाद-विवाद,निबंध लेखन जैसे कई ऑनलाइन प्रतियोगिताओं का आयोजन भी जिला स्तर पर किया जा रहा है। पोषण माह के दौरान प्रदेश के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में कुपोषण की अधिकता को देखते हुए प्रमुखता से गर्भवती और शिशुवती महिलाओं और उनके परिवारों को  छोटे बच्चों की समुचित देखभाल और बच्चे के साथ मां की पोषण और स्वास्थ्यगत जरूरतों के बारे में बताया जा रहा है।

विभाग के मैदानी अमले द्वारा बच्चे के शुरूआती 1000 दिनों का महत्व बताते हुए शिशुवती महिलाओं को स्तनपान कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में अल्प पोषण, कम वजनी बच्चों के जन्म तथा किशोरी बालिकाओं, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं तथा बच्चों में रक्त की कमी को दूर करना है। इस दौरान बच्चों की ऊंचाई, किशोर लड़कियों और गर्भवती माताओं के वजन की जांच भी की जा रही है और कमजोर पायी गयी किशोरी लड़कियों एवं महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी दी जा रही है। गर्भवती माताओं व स्तनपान कराने वाली महिलाओं को विशेष स्वास्थ्य सलाह भी देने का काम किया जा रहा है। पोषण माह के तहत स्वच्छता, स्वस्थ आदतें, पोषण और स्वच्छता प्रचार गतिविधियों के महत्व के बारे में भी बताया जा रहा है।

 

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