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अंबाला को भाया दंतेवाड़ा का कड़कनाथ,मुर्गा पालकों को हुआ 4.24 लाख रुपए का भुगतान

रविशंकर शर्मा  | 12 Nov , 2020 10:52 PM
अंबाला को भाया दंतेवाड़ा का कड़कनाथ,मुर्गा पालकों को हुआ 4.24 लाख रुपए का भुगतान

रायपुर। दंतेवाड़ा जिले का कड़कनाथ हरियाणा राज्य के अंबाला के लोगों को काफी पसंद आ रहा है। दंतेवाड़ा जिले में गुरुवार को गरीबी उन्मूलन के तहत कड़कनाथ मुर्गा के वृहद मार्केटिंग की शुरुआत की गई। हरियाणा के अंबाला के लिए कड़कनाथ आर्गेनिक फार्म को 4 लाख 24 हजार रुपए के कड़कनाथ का विक्रय किया गया। दंतेवाड़ा की जिला पंचायत अध्यक्ष तुलिका कर्मा और कलेक्टर दीपक सोनी ने कलेक्टर कार्यालय से हरी झंडी दिखाकर कड़कनाथ की गाड़ी को अंबाला के लिए रवाना किया। साथ ही कड़कनाथ पालकों को 4 लाख 24 हजार रुपए की राशि का भुगतान चेक के माध्यम से किया गया।

दंतेवाड़ा माई दंतेश्वरी के शक्तिपीठ,अपनी प्राकृतिक सुंदरता, लौह उत्पादन के नाम से प्रसिद्ध है। अब इसमें दंतेवाड़ा के कड़कनाथ का नाम भी शामिल हो गया है। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिला दंतेवाड़ा में आत्मसमर्पित नक्सलियों को रोजगार उपलब्ध कराने का कार्य कर विकास की लहर चलाई जा रही है। जिले में अब कड़कनाथ को निर्यात से जोड़कर लोगों को आजीविकावर्धन का सतत विकल्प उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।  उल्लेखनीय है कि दंतेवाड़ा जिले में गरीबी उन्मूलन के लिए पुना माड़ाकाल दंतेवाड़ा योजना चलाई जा रही है। इससे यहां की गरीबी को जड़ से खत्म किया जा सकें। दंतेवाड़ा जिले की पशुधन विभाग की ओर से कड़कनाथ मुर्गी गरीबी उन्मूलन योजना के तहत हितग्राहियों को कड़कनाथ पालन के लिए चूजे उपलब्ध कराए गए थे। पशुपालक हितग्राहियों की ओर से चूजों को बड़ा करके निर्यात के लिए उपलब्ध कराया गया। यह सभी हितग्राही जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्र बड़े गुड़रा, कड़मपाल, किरन्दुल, हल्बारास, कुआकोंड़ा, कटेकल्याण, मटेनार आदि जैसे क्षेत्रों के निवासी है। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिला होने के बावजूद इसने विकास की ओर अपना रूख कर लिया है।

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