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प्रशासन मस्त जनता पस्त, शहर में आवारा मवेशियों का आतंक

प्रशासन मस्त जनता पस्त, शहर में आवारा मवेशियों का आतंक

डोंगरगढ़। नगर में आए दिन हो रहे सड़क हादसों के मुख्य कारणों में से एक है आवारा मवेशी, जी हां विडंबना कुछ ऐसी है कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद भी नगरपालिका के अधिकारी इस ओर ध्यान देना जरूरी नहीं समझ रहे है|  नगर के प्रमुख मार्ग जैसे खैरागढ़ रोड हो या ओवर ब्रिज, जो शहर को हाई वे से जोड़ता है उन पर खुले आम मवेशी घूमते या बीच रोड पर बैठे नजर आएंगे, जो हादसों को दावत देते है। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट द्वारा एक जनहित याचिका में आदेश पारित कर नगरीय निकायों में घूमते मवेशियों को पकड़ कर उनके मालिकों के खिलाफ कार्यवाही करने का आदेश दिया, जिसे दरकिनार कर स्थानीय प्रशासन अपनी ही मनमानी करने पर आमादा है।  शहर के इन मुख्य मार्गो पर कॉलेज और स्कूल भी है, जिनमें देश के भविष्य कहे जाने वाले बच्चे पढ़ते हैं। जब मीडिया ने उनसे बात की तो उन्होंने अपने व्यथा बताई और कहा कि उन्हें भी आए दिन रोड ऐक्सिडेंट का डर सताता रहता है। एक तो रोड पर दौड़ते तेज वाहन और उपर से बीच में घूमते मवेशी ऐसा लगता है जाए कहा ?  ऐसे में क्या प्रशासन की यह नैतिक जिम्मेदारी नहीं बनती की वह हाईकोर्ट के आदेश का सम्मान करे और मानवता का परिचय देते हुए लोगों के मन में व्याप्त रोड ऐक्सिडेंट के डर को दूर करे। 

वर्जन
शहर में आवारा मवेशियों को मुख्य मार्गो से पालिका कर्मचारियों द्वारा लगातार हटाया जा रहा है, जिससे आवागमन सुचारू हो सके। साथ ही शहर में तीन स्थानों पर गौठान निर्माण के लिए जमीन की मांग शासन से की गई है।
सुभाष दीक्षित, सीएमओ नगरपालिका परिषद डोंगरगढ़ 

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