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एम्स के डॉक्टर और कर्मचारी देंगे एक दिन का वेतन,डॉ.नागरकर ने कहा- कोरोना के दो मरीजों का ठीक होना टीम की सफलता

रविशंकर शर्मा  | 31 Mar , 2020 05:14 PM
एम्स के डॉक्टर और कर्मचारी देंगे एक दिन का वेतन,डॉ.नागरकर ने कहा- कोरोना के दो मरीजों का ठीक होना टीम की सफलता

रायपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान परिवार के सभी सदस्यों ने कोरोना वायरस से पीड़ित रोगियों की सेवा के साथ अपने एक दिन का वेतन प्रधानमंत्री राहत कोष में देने का निर्णय लिया है। इसी तरह छत्तीसगढ़ के 8 कोरोना पॉजिटिव मरीजों में से 2 को ठीक  कर निदेशक प्रो. (डॉ.) नितिन एम. नागरकर ने इसे चिकित्सा दल की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा है कि एम्स परिवार के सभी सदस्यों की प्रतिबद्धता और समर्पण की भावना के सकरात्मक परिणाम मिला हैं। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में कोरोना वायरस से पीड़ित दो रोगियों के दो टेस्ट लगातार नेगेटिव आने के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है। एम्स के मेडिकल बुलेटिन के अनुसार कुछ दिन पूर्व 68 वर्षीय बुजुर्ग और 33 वर्षीय युवक को कोरोना वायरस का टेस्ट पॉजीटिव पाए जाने के बाद एम्स के कोरोना वायरस वार्ड में भर्ती किया गया था। चिकित्सकों की सतत निगरानी में इनकी गहन चिकित्सा और आइसोलेशन के बाद पिछले चार दिन में इनके दो टेस्ट नेगेटिव पाए गए। इसके बाद एम्स के चिकित्सकों ने इन्हें डिस्चार्ज कर घर जाने की अनुमति दे दी। एम्स में एडमिट अन्य चार रोगियों की हालत भी स्थिर बनी हुई है।

निदेशक प्रो.(डॉ.) नितिन एम.नागरकर ने इसे चिकित्सा दल की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा है कि एम्स परिवार के सभी सदस्यों की प्रतिबद्धता और समर्पण की भावना के सकरात्मक परिणाम मिला हैं। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान परिवार के सभी सदस्यों ने कोरोना वायरस से पीड़ित रोगियों की सेवा के साथ अपने एक दिन का वेतन प्रधानमंत्री राहत कोष में देने का निर्णय लिया है। एम्स परिवार लगभग एक माह से कोरोना वायरस के रोगियों के लिए इंतजाम करने में जुटा है। यहां लगभग 60 चिकित्सक, नर्सिंग स्टॉफ और तकनीकी कर्मचारी रात-दिन आयुष बिल्डिंग में स्थित कोरोना वार्ड में ड्यूटी पर लगे हैं। यहां प्रत्येक सप्ताह का रोस्टर बनाकर सभी को नियमित ड्यूटी देनी पड़ती है,जिसके बाद उन्हें 14 दिन के लिए क्वारेंटाइन में जाना होता है। इससे ज्ञात हो सके कि उनमें तो कोरोना वायरस का संक्रमण तो नहीं है। कोई लक्षण न मिलने पर उन्हें अपने घर जाने की अनुमति दी जाती है। इसके लिए एम्स प्रबंधन की ओर से सभी के लिए आयुष बिल्डिंग में खाने और प्राइवेट वार्ड में रहने का इंतजाम किया गया है। एम्स ने कोरोना वायरस के प्रति स्वयं की प्रतिबद्धता को प्रकट करने के लिए सभी चिकित्सकों, अधिकारियों और चिकित्सा कर्मचारियों का एक दिन का वेतन भी पीएम राहत निधि में देने का निर्णय लिया है।

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