GLIBS

ऑस्ट्रेलिया में पिछले 24 घंटे में मिले कुल 113 केस, मेलबर्न में 108 व सिडनी में 5 केस, शेष पूरा देश कोरोना मुक्त

ग्लिब्स टीम  | 04 Jul , 2020 10:10 PM
ऑस्ट्रेलिया में पिछले 24 घंटे में मिले कुल 113 केस, मेलबर्न में 108 व सिडनी में 5 केस, शेष पूरा देश कोरोना मुक्त

मेलबर्न। पूरा विश्व कोरोना महामारी के दंश को झेल रहा है। कोरोना संक्रमितों की संख्या में वैश्विक स्तर पर रोज इजाफा हो रहा है। इधर इस वायरस को अपने को सुरक्षित रखने में सफल रहे आस्ट्रेलिय में कोरोना पॉजिटिव मिले है। लगभग एक महीने से कुल केसों में से 90 प्रतिशत या अधिक केवल मेलबर्न शहर से निकले हैं। ऑस्ट्रेलिया में पिछले 24 घंटे में कुल 113 केस बढ़े है। मेलबर्न में 108 व सिडनी में 5 केस मिले है शेष पूरे देश कोरोना मुक्त है। हुआ यूं कि अमेरिका के जॉर्ज फ्लॉयड के लिए ऑस्ट्रेलिया में हर राज्य के अनेक शहरों में सोलिडारिटी प्रदर्शन आयोजित किए गए। हजारों लोगों ने इन प्रदर्शनों में भाग लिया। यह प्रदर्शन एक महीना से हो रहे हैं लेकिन मेलबर्न शहर को छोड़ कहीं भी कोरोना संक्रमितों की संख्या नहीं बढ़ी। जाहिर है कि मेलबर्न शहर में दो चार लोग गैर जिम्मेदार निकले और कोविड-19 संक्रमित होते हुए भी प्रदर्शनों में भाग लिया और परिणाम सामने हैं। कोरोना का सिर्फ एक केस कुछ समय में ही सैकड़ों केस कर देता है। यदि मेलबर्न शहर के चंद लोगों ने गलती नहीं की होती तो अब तक ऑस्ट्रेलिया कोविड-19 मुक्त हो गया होता। इधर सिडनी में जो दो चार केस निकले हैं। उनमें से सभी विदेश से लौटे नागरिक या स्थाई निवासी या मेलबर्न से आए लोग हैं। खैर सतर्कता इतनी है और पूरी कोशिश है कि संक्रमण मेलबर्न के बाहर नहीं फैल पाए।

कुछ दिन पहले मेलबर्न से बिना सूचना दिए कुछ संक्रमित लोग सिडनी आ गए। इस घटना के बाद सिडनी ने मेलबर्न से आने वाले लोगों पर साढ़े पांच लाख रुपए से अधिक का जुर्माना का नियम बना दिया है। इधर कैनबरा में दो महीने से अधिक हो गया कोई केस नहीं मिला। कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं। आशा है कि मेलबर्न से कोई संक्रमण लेकर नहीं आएगा। ऑस्ट्रेलिया में प्रति दस लाख लोगों में एक लाख से अधिक लोगों की टेस्टिंग हो चुकी है। मोटा मोटी यह मान लें कि कुछ कम अधिक लगभग हर नौवें व्यक्ति की टेस्टिंग हो चुकी है। कैनबरा में दो महीने से एक भी केस नहीं होने के बावजूद अब भी टेस्टिंग हो रही है और लगातार होती रहेगी। एक भी केस नहीं होने के बावजूद टेस्टिंग करने के केंद्रों की संख्या बढ़ा दी गई है। व्यापक व ईमानदार टेस्टिंग करते हुए संक्रमित व्यक्ति की पहचान करना तथा संक्रमित व्यक्ति का आदर व प्रेम के साथ इलाज करना एकमात्र विकल्प है।

विवेक उमराव की रिपोर्ट

Author/Journalist owns and is responsible for views/news published and the publisher/printer is in no way liable for such content.