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एक ऐसा नाइट क्लब जहां संस्कृत गीतों पर थिरकते है लोग, शराब की जगह मिलता है फलों का रस

ग्लिब्स टीम  | 15 Feb , 2020 09:12 PM
एक ऐसा नाइट क्लब जहां संस्कृत गीतों पर थिरकते है लोग, शराब की जगह मिलता है फलों का रस

नई दिल्ली। भारत में आमतौर पर नाइट क्लबों में हिंदी, पंजाबी या फिर अंग्रेजी गाने बजते हैं, जिसपर लोग थिरकते नजर आते हैं। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत से दूर दुनिया में एक ऐसा देश भी है, जहां एक अनोखा नाइट क्लब है। इस नाइट क्लब में संस्कृत गीतों पर लोग थिरकते नजर आते हैं। इस देश का नाम है अर्जेंटीना, जहां की राजधानी ब्यूनस-आयर्स में ग्रोव नाम का एक नाइट क्लब है। यहां गणेश शरणम, गोविंदा-गोविंदा, जय-जय राधा रमन हरी बोल और जय कृष्णा हरे जैसे गीत बजते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि ब्यूनस-आयर्स का यह नाइट क्लब कोई छोटा-मोटा नाइट क्लब नहीं है, बल्कि यहां एक साथ करीब 800 लोग गीतों पर थिरकते नजर आते हैं। दरअसल, एक भारतीय राजनयिक विश्वनाथन साल 2012 में अर्जेंटीना गए थे और उन्होंने ही अपने अनुभव साझा किए थे। उन्होंने बताया कि उस नाइट क्लब में न तो शराब मिलती है और न ही लोग धूम्रपान करते नजर आते हैं। यहां तक की इस नाइट क्लब में ड्रग्स की भी मनाही है और मांस-मछली भी नहीं मिलता। यहां सिर्फ सॉफ्ट ड्रिंक्स, फलों का रस और शाकाहारी खाना ही मिलता है। 

 

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