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प्रभावी परिवहन न होने से 22 केन्द्रों मे 7. 25 लाख कट्टा धान जाम

राहुल चौबे  | 13 Jan , 2020 11:23 AM
प्रभावी परिवहन न होने से 22 केन्द्रों मे 7. 25 लाख कट्टा धान जाम

रायपुर। परिवहन की शुरुआत मे विलंब होने व प्रभावी परिवहन न होने से आरँग व मँदिरहसौद सहकारी बैंक शाखा के अधीनस्थ बनाये गये 22 धान उपार्जन केन्द्रों मे तकरीबन सवा सात लाख कट्टा धान जाम हो चला है। किसान सँघर्ष समिति ने प्रतिकूल मौसम की वजह से सीमित सँसाधनोँ मे समितियों द्वारा इस जाम धान की सुरक्षा कर पाना असंभव होने व सूखत की भरपायी से समितियों की हालत खस्ता हो जाने की बात कहते हुए तुरन्त जाम धान का परिवहन कराने का आग्रह शासन-प्रशासन से किया है। साथ ही आगाह किया है कि जाम धान की वजह से देर सबेर कई केन्द्रों मे धान खरीदी भी प्रभावित हो सकता है।

कई धान उपार्जन केन्द्रों का दौरा करने व समितियों के सँचालक मँडल के सदस्यों से चर्चा व मिली जानकारी के आधार पर समिति सँयोजक भूपेन्द्र शर्मा ने जानकारी दी है कि केन्द्रीय सहकारी बैंक शाखा आरँग के अधीन आने वाले 15 धान उपार्जन केन्द्रों मे साप्ताहिक धान खरीदी बँद होने की तिथि बीते शुक्रवार की स्थिति मे तकरीबन 5 लाख 70 हजार कट्टा व मँदिरहसौद शाखा के अधीनस्थ 7 केन्द्रों मे तकरीबन डेढ लाख कट्टा धान परिवहन का इन्तजार करते जाम पड़ा था । आरँग के गुल्लू केन्द्र मे लगभग 70 हजार कट्टा, बाना मे 56 हजार, गौरभाट व रीवाँ मे 43-43 हजार, फरफौद मे 42 हजार, आरँग मे 38 हजार, चपरीद मे 36 हजार, मोखला-भानसोज व गोविंदा मे 35-35 हजार, लखौली मे 32 हजार, जरौद व खमतराई मे 31-31 हजार, भिलाई मे 24 हजार व पँधी मे  17 हजार कट्टा तथा मँदिरहसौद के गोढी मे 35 हजार, टेकारी व गनौद मे 28-28 हजार, मँदिरहसौद मे 20 हजार, उमरिया मे 15 हजार तथा बरौदा मे 5 हजार कट्टा धान जाम था। शर्मा का कहना है कि शासन द्वारा प्रत्येक उपार्जन केन्द्र के लिये निर्धारित बफर स्टाक से भी अधिक धान इन केन्द्रों मे परिवहन के इन्तजार मे है। तीन दिनों के भीतर उठाव का निर्देश होने के बाद भी प्रभावी परिवहन नहीं हो रहा है और इसके चलते सूखत के नुकसानी का भरपायी सीमित सँसाधनोँ वाले समितियों को करना पडता है जिसके चलते समितियों की आर्थिक स्थिति गड़बड़ाती है। इसके अतिरिक्त बेमौसम हुई बारिश के चलते जाम धान की गुणवत्ता बनाये रखना भी समितियों के लिये अपने सीमित सँसाधनोँ के भरोसे असँभव है। इन हालातों के मद्देनजर तत्काल धान का प्रभावी परिवहन की व्यवस्था का आग्रह करते हुये जाम धान की वजह से कई केन्द्रों मे खरीदी व्यवस्था लड़खड़ाने की भी आशंका उन्होंने व्यक्त की है ।

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