GLIBS

अमेरिका में 67 हजार नेशनल गार्ड तैनात, जानें क्यों अपने ही नागरिकों के खिलाफ ट्रंप को उतारनी पड़ी सेना  

ग्लिब्स टीम  | 03 Jun , 2020 02:24 PM
अमेरिका में 67 हजार नेशनल गार्ड तैनात, जानें क्यों अपने ही नागरिकों के खिलाफ ट्रंप को उतारनी पड़ी सेना  

नई दिल्ली। अफ्रीकी मूल के अमरीकी नागरिक जॉर्ज फ़्लॉयड की मौत के बाद हो रहे प्रदर्शनों से निपटने के लिए अमरीका के कई शहरों में कर्फ्यू लगाया जा रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि वॉशिंगटन में कर्फ़्यू को सख़्ती से लागू किया जाएगा। बता दें कि बीते एक सप्ताह से अमरीका के कई शहरों में हिंसा, आगजनी और लूटमार की घटनाएं हो रहीं हैं। इसी बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि हिंसा को रोकने के लिए वो हज़ारों पुलिसकर्मियों और सैनिकों को तैनात करेंगे।अमेरिका में अश्वेत व्यक्ति जॉर्ड फ्लॉयड की पुलिस हिरासत में मौत के खिलाफ हो रहे हिंसक प्रदर्शनों की वजह से देश में हालात बिगड़ गए हैं। लगभग छह राज्यों और 13 बड़े शहरों में आपात स्थिति घोषित कर दी गई है। देश भर में नेशनल गार्ड के 67 हजार सैनिकों को तैनात किया गया है। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने कहा है कि इतनी बड़ी संख्या में अमेरिका में कभी सैनिकों की तैनाती नहीं की गई थी।फ्लॉयड की हत्या को लेकर देश भर में हो रहे प्रदर्शनों में कम से कम पांच लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि लगभग चार हजार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा 40 शहरों में कर्फ्यू लगाया गया है। अधिकारियों ने हिंसा और लूट की घटनाओं के बाद न्यूयॉर्क सिटी में कर्फ्यू लगा दिया और पुलिस की मौजूदगी को बढ़ा दिया। 

अरबों की संपत्ति का नुकसान :
अमेरिका में एक हफ्ते से जारी प्रदर्शनों में अब तक अरबों डॉलर की संपत्ति बर्बाद हो गई है। प्रदर्शनकारियों ने फ्लॉयड की मौत पर गुस्सा जाहिर करते हुए व्यावसायिक केंद्रों और सार्वजनिक स्थानों को क्षतिग्रस्त किया और दुकानों और मॉल में लूटपाट की। वहीं राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, 'आज मैंने प्रत्येक गवर्नर से सड़कों पर पर्याप्त संख्या में नेशनल गार्ड की तैनाती करने की सिफारिश की है। मेयरों और गवर्नरों को हिंसा खत्म होने तक कानून प्रवर्तन एजेंसियों या अधिकारियों की जबर्दस्त उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी।

Author/Journalist owns and is responsible for views/news published and the publisher/printer is in no way liable for such content.