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मसाज थेरेपी से होते हैं कई फायदे, शरीर को रिलैक्स देने के साथ होता है वेट लॉस 

पूर्णिमा मंडल  | 24 Jun , 2019 04:08 PM
मसाज थेरेपी से होते हैं कई फायदे, शरीर को रिलैक्स देने के साथ होता है वेट लॉस 

नई दिल्ली। वेट कम करने के लिए आपने अब तक डाइट और एक्सरसाइज खूब की होगी लेकिन कभी मसाज का सहारा लिया है? नहीं तो जानिए ये मसाज के तरीके कैसे वेट लॉस को करते हैं। बूस्ट मसाज ये तनाव को कम करने के साथ मांसपेशियों को मजबूत बनाने में भी बहुत कारगर होता है। जब भी आप एक्सरसाइज करते हैं या डाइट पर होते हैं तो वेट कम होने लगता है।  ऐसे में मांसपेशियों में ढीलापन आना या कमजोरी होना आम बात है। मसाज से मांसपेशियों में कसावट भी लाई जाती है साथ ही बॉडी भी रिलेक्स होती है।

मसाज के कई तरीके पॉपुलर हैं, लेकिन वेट लॉस के लिए यूलाईट थैरेपी पॉपुलर है। ये मसाज प्रभावित हिस्से में करने से वहां का ब्लड सर्कुलेशन तेज हो जाता है जिससे वहां के मसल्स की एक्टिविटी बढ़ जाती है और ये वेट लॉस को बूस्ट करने लगते हैं। इतना ही नहीं एंटी-सेल्युलाईट मसाज से शरीर डिटॉक्स भी होता और शरीर में जमा अतिरिक्त पानी भी बाहर निकल जाता है।

अरोमा थेरेपी की मसाज

अरोमा थेरेपी में एक नहीं कई अरोमा वाले तेलों के साथ बॉडी पर मसाज की जाती है। ये तेल नेचुरल और आयुर्वेदिक प्लांट्स या फ्लावर के एक्सट्रेक्ट के रूप में आते हैं और जब बॉडी पर इन्हें यूज किया जाता है तो ये काफी इफेक्टिव हो जाते हैं। 
अरोमा थेरेपी सिरदर्द, तनाव या मासपेशियों के दर्द के साथ पेट,कमर, हाथ और जांघों की चर्बी को पिघलाने में भी मददगार होते हैं। अरोमा ऑयल और मसाज से शरीर को गर्मी मिलती है और इससे ये शरीर में तेजी से एब्जॉर्ब हो जाते हैं। इससे वेट लॉस भी तेजी से होता है। 

आयुर्वेदिक ऑयल का मसाज 

आयुर्वेदिक ऑयल से मसाज करना नई बात नहीं। पुरातन समय से आयुर्वेदिक तेलों का प्रयोग प्रजनन के बाद महिलाओं के पेट और गर्भाश्य को सही स्थान व शेप में लाने के लिए किया जाता रहा है। प्रसव के बाद पेट का बाहर आना इन तेलों से मसाज कर कम किया जाता है। आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों से बने ये तेल वेट लॉस के लिए भी उतने ही और तेलों से शरीर की मसाज की जाती है। यह न सिर्फ तरोताजा करने या थकान मिटाने के लिए कारगर।