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प्रतिरोधक क्षमता पोषण बढ़ाने में मुनगा का विशेष महत्व, सेहत के लिए खूब खाइए 

राहुल चौबे  | 11 Aug , 2020 09:53 AM
प्रतिरोधक क्षमता पोषण बढ़ाने में मुनगा का विशेष महत्व, सेहत के लिए खूब खाइए 

रायपुर। स्थानीय बोली में मुनगा को सहजना, सुजना, सैजन या सहजन के नाम से जाना जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम मोरिंगा ओलिफेरा है। मुनगा जड़ से लेकर फूल पत्तियों और फलियों का आयुर्वेद में विस्तार से औषधीय और उपयोगी गुण बताएं है। फूल और फली दोनों का सब्जी में प्रयोग किया जाता है। मुनगा न केवल स्वादिष्ट है बल्कि पौष्टिकता से भरपूर भी है। मुनगा में आयरन, विटामिन-सी, विटामिन-ए के साथ-साथ पोषक खनिज तत्व भी पाये जाते हैं। जो शरीर को पर्याप्त उर्जा देते हैं। पत्तियों में प्रोटीन और विटामिन-बी 6, विटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन ई होता है। इसमें आयरन, मैग्नीशियम, कैल्शियम, पोटेशियम और जिंक जैसे मिनरल भी होते हैं। एनीमिया को ठीक करने में भी मुनगा कारगर माना गया है। शासकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय रायपुर के पंचकर्म विभागाध्यक्ष डॉ. रंजीप दास ने बताया आयुर्वेद में मुनगा की छाल, पत्ती, फूल, जड़, फल का रस और पाउडर बना कर उपयोग किया जाता है। मुनगा के विभिन्न अंगों के रस को मधुमेंह, वातघ्न, रुचिकारक, वेदनाशक, पाचक आदि गुणों के रूप में जाना जाता है। मुनगा में दूध की तुलना में चार गुना कैल्शियम और दोगुना प्रोटीन है।

मुनगा का रस सुबह-शाम पीने से उच्च रक्त चाप में लाभ मिलता है। पत्तियों के रस का सेवन करने से मोटापा भी कम होने लगता है। छाल से बने काढ़ा से कुल्ला करने पर दांतों के कीड़े से राहत और दर्द में आराम होता है। कोमल पत्तों का उपयोग साग बनाकर खाने से कब्ज की समस्या में लाभ होता है। सेंधा नमक और हींग के साथ जड़ का काढ़ा बनाकर पीने से मिर्गी के दौरों में लाभ होता है। पत्तियां पीसकर लगाने से घाव और सूजन ठीक होती है। कैंसर और शरीर में बनी गांठ, फोड़े में मुनगा की जड़ को अजवाइन, हींग और सौंठ के साथ काढ़ा बनाकर पीने से लाभ मिलता होता है। डॉ.दास ने कहा मुनगा साइटिका, पैरों में दर्द, जोड़ों में दर्द, लकवा, दमा, सूजन, पथरी में काढ़ा लाभकारी है। गोंद को जोड़ों के दर्द, दमा के रोगों में लाभदायक माना जाता है। पत्तियां भी दाल और सब्जी में डाल सकते हैं। सूखी पत्तियों का चूर्ण भी नियमित रूप से सेवन करना स्वास्थ्यवर्धक होता है। मुनगा की फली को सब्जी और दाल में डालकर बना सकते हैं। इसमें पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। रोग प्रतिरोधक बढ़ाने के लिए सबसे सस्ता उपाय है। ज्यादा उम्र के लोगों को मुनगा अवश्य ही खाना चाहिए।

मुनगा में एंटी-बैक्टीरियल गुण है एवं यह कई तरह के संक्रमण से सुरक्षित रखने में मददगार भी है। सर्दी-खांसी और बलगम से छुटकारा पाने के लिए इसका इस्तेमाल आयुर्वेद औषधि के रूप में होता है। इसमें मौजूद विटामिन C रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में मदद करता है। सूप खून की सफाई करने में भी मदद करता है खून साफ होने से चेहरे में भी निखार आता है। सूप पाचन तंत्र को भी मजबूत करता है। मौजूद फाइबर्स कब्ज की समस्या दूर करता हैं। दमा की शिकायत होने पर भी मुनगा का सूप फायदेमंद माना गया है। डॉ.दास ने बताया पंचकर्म चिकित्सा में निर्गुंडी पत्र, मुनगा पत्र, अरंड पत्र, धतूरा और अर्क पत्र से पत्र पिण्ड स्वदन बनाकर (पोटली बनाकर) घुटने के दर्द, जोड़ों के दर्द, गठिया बाय इत्यादि के रोगों में सिकाई लाभकारी होती है। डॉ. दास ने बताया वर्तमान में प्रदेश के स्कूलों में स्वास्थ्य सर्वे के दौरान एनीमिया पीड़ित बच्चों की पहचान होने के बाद सरकार ने कुपोषण दूर करने की पहल की है। इसमें कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन, व आयरन जैसे तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं इसलिए  इसका सेवन बच्चों को कराया जाना चाहिए ।

इसी कडी में मुनगा महाभियान शासकीय स्कूलों, छात्रावासों आंगनबाड़ी व आश्रमों के परिसर में मुनगा के दस-दस पौधे रोपे जाएंगे। बच्चों के मध्याह्न भोजन में इसकी सब्ज़ी नियमित रूप से  बनेगी ताकि बच्चों को पर्याप्त पोषण मिल सके। खासकर स्कूली बच्चों की सेहत के लिए गुणकारी व फायदेमंद सब्जी की उपलब्धता आसानी से उपलब्ध हो सके। मुनगा के फूल को पेट, कफ के रोगों में गुणकारी माना गया है। फली को वात और उदरशूल में पत्ती को नेत्ररोग, मोच, सायाटिका, गठिया में काफी गुणकारी कहा गया है। मधुमेह नियंत्रण करने में भी मुनगा खाने की सलाह डॉक्टर द्वारा जाती है।

सूप के फायदे व बनाने का तरीका :
मुनगा को छोटे टुकड़ों में काटकर, बर्तन में दो कप पानी में कम आंच पर उबलने को रखना है। चाहें तो इसमें मुनगा की पत्तियां को मिला सकते हैं। पानी जब आधा रह जाये तब फलियों को छान लें एवं बीच का गूदा निकाल लें। गूदा को उबले हुए पानी में मिलाकर थोड़ा-सा नमक और काली मिर्च भी मिलाकर सूप को सुबह-शाम पीने से अत्याधिअक लाभ होता है और शारीरिक कमजोरी भी दूर हो सकती है। सूप का नियमित रूप से सेवन करने से सेक्सुअल हेल्थ बेहतर होती है। यह महिला और पुरुष दोनों के लिए समान रूप से फायदेमंद होता है।

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