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जन्‍माष्‍टमी के व्रत में बहुत महत्व होता है धनिए की पंजीरी का

यामिनी दुबे  | 10 Aug , 2020 02:13 PM
जन्‍माष्‍टमी के व्रत में बहुत महत्व होता है धनिए की पंजीरी का

रायपुर। भगवान कृष्ण के जन्मदिन के रूप में जन्‍माष्‍टमी को बहुत धूमधाम के साथ मनाया जाता है। जन्माष्टमी के दिन प्रसाद में धनिया की पंजीरी बनाई जाती है। धनिया पंजीरी इस अवसर पर खास प्रसाद होता है। धनिए की पंजीरी का जन्माष्टमी के व्रत में बहुत बड़ा महत्व होता है। यह प्रसाद खाने में तो स्वादिष्ट होता ही है, साथ ही सेहत के लिए भी बहुत लाभकारी होता है। जानिए कैसे बनाई जाती है धनिया की पंजीरी।

धनिया की पंजीरी बनाने की विधि :
जन्माष्टमी में प्रसाद के रूप में धनिये की पंजीरी बनाई जाती है। धनिए की पंजीरी बनाने के लिए सबसे पहले कढ़ाई में 1 चम्मच घी गर्म कर लें। अब इसमें धनिया पाउडर मिलाकर अच्छी तरह से भून लें। जब हल्की सोंधी सी महक उठने लगे तो आंच बंद कर दे। अब मखाने को छोटा-छोटा काट ले, इसे दूसरी कढ़ाई में घी डालकर तल लें। इस मखाने को दरदरा पीस ले। अब इसे धनिया पंजीरी में मिला ले। काजू और बादाम को भी छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर साथ मिला दें। इस तरह से भगवान को भोग लगाने वाली धनिए की पंजीरी तैयार है। भोग लगाने के बाद इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण कर लीजिये।

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