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मसालों की शुद्धता की जांच करना बहुत आसान : स्वाद के लिए नहीं बल्कि सेहत के लिए भी जरूरी...

राहुल चौबे  | 09 Sep , 2020 11:06 AM
मसालों की शुद्धता की जांच करना बहुत आसान : स्वाद के लिए नहीं बल्कि सेहत के लिए भी जरूरी...

रायपुर। घर के किचन में उपयोग किए जाने वाले मसालों की शुद्धता बेहद जरूरी है। खाने के स्वाद के लिए इस्तेमाल किए जाने के लिए ही नहीं बल्कि सेहद के लिए भी किया जाता है। मसालों में विटामिन, खनिज, एंटीऑक्सिडेंट, आवश्यक तेल, फाइटोन्यूट्रिएंट आदि पाए जाते हैं। जो अच्छे स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। भारत में ज्यादातर सभी मसाले उगाए जाते हैं। लेकिन कौन से मसाले असली और और कौन से नकली इसकी पहचान बहुत जरूरी है। मसाले के कारोबार में नकली मसाले एक बहुत बड़ा खतरा हैं।

दालचीनी : दालचीनी में कई बार उसी की तरह दिखने वाली कैसिया बार्क नामक उत्पाद की मिलावट की जाती है। इसके लिए एक प्लेट में दालचीनी को डालें। कैसिया बार्क को नजदीक से देखने पर उसकी बाहर की परत खुरदुरी नजर आती है। जबकि दालचीनी की परत चिकनी होती है। दालचीनी काफी पतली होती है और इसकी महक भी अलग होती है।

धनिया पाउडर : पाउडर वाले धनिया में भी खरपतवार को बारीक से पीस कर उसमें मिश्रण कर दिया जाता है, जिसे देखने पर उसमें मिलावट की पहचान करना संभव नहीं हो पाता है। धनिया पाउडर से खुशबू नहीं निकलना उसमें मिलावट का एक सबूत है।

लौंग : लौंग का जब नैचरल ऑइल निकाल लिया जाता है वह पानी के ऊपर तैरने लगती है तो वह असली लौंग नहीं है। 

हल्दी पाउडर : हल्दी पाउडर देखने में गहरा रंग का होता है, उसमें कलर की मिलावट हो सकती है क्योंकि, शुद्ध हल्दी हल्के पीले रंग की होती है। कलर केमिकल से बनाया जाता है, जिसे हल्दी पाउडर के साथ खाने से शरीर में कई बीमारियों का जन्म हो सकता है। हल्दी को पानी में डालने पर अगर उसका कलर जल्दी गायब हो जाए तो समझिए कि वह मिलावटी है। इन दिनों मिलावटी चीजों का कारोबार तेजी से चल रहा है। ऐसे मे अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता दिखाते हुए खाने में उपयोग किए जाने वाले मसालों शुद्धता की जांच अवश्य करें क्योंकि मसाले स्वाद से ज्यादा सेहत के लिए जरूरी है।

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